समलैगिकता के मामले में काजी काउंसिल सर्वोच्च न्यायालय जाएगी
आल इंडिया काजी काउंसिल के अध्यक्ष शहर काजी अब्दुल रज्जाक ने बुधवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में समलैंगिकता को धर्म विरोधी करार दिया। उन्होंने कहा है कि स्त्री और पुरूष का जोड़ा होता है न कि पुरूष पुरूष का और स्त्री स्त्री का। समलैंगिकता से समाज में विकृति आएगी और यह पतन के रास्ते पर ले जाएगी।
उन्होंने कहा कि काउंसिल ने दिल्ली उच्च न्यायालय की फैसले के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर करने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा है कि कोई भी धर्म इस विकृति का स्वीकृति नहीं देता है। इन्सान तो इन्सान जानवर तक लिंग के आधार पर जोड़े बनाते हैं। इस मौके पर मुफ्ती रहीमउल्लाह और गुजरात के मौलाना शहरयार ने भी समलैंगिकता को समाज विरोधी करार दिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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