गरीब बच्चों को बचाने के लिए जी-8 नेताओं से अधिक प्रयास का आग्रह
'सेव द चिल्ड्रेन' ने जी-8 के नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि केवल सहायता का वादा ही पर्याप्त नहीं है। संस्था ने उनसे बच्चों के जीवन को बचाने के लिए प्रतिबद्धता दिखाते हुए माताओं, नवजात शिशुओं और बच्चों के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए सहायता राशि को दोगुना करने को कहा।
संस्था की शीरीन वकील मिलर ने कहा,"प्रतिवर्ष केवल 3.5 अरब डॉलर का योगदान मिलता है जो हमारी मांग का आधा है। यदि जी-8 के नेताओं और अन्य दानदाताओं ने वर्ष 2012 तक इसे दोगुना करके सात अरब डॉलर नहीं किया तो वर्ष 2015 तक बच्चों की मृत्युदर में दो-तिहाई कमी करने का लक्ष्य हासिल करना संभव नहीं है।"
मिलर ने कहा कि जी-8 नेताओं द्वारा किए गए वादे अक्सर पूरे नहीं होते।
पूरी दुनिया में हर वर्ष रोगों से जिन 92 लाख बच्चों की मौत होती है,उनमें से 20 लाख बच्चे भारतीय होते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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