चीन: गिरफ़्तारियों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन

चीन में अधिकतर मुस्लिम आबादी वाले पश्चिमी प्रांत शिनजियांग की राजधानी उरुमकी में सैकड़ों महिला प्रदर्शनकारियों ने बड़ी संख्या में मौजूद चीन की पुलिस के सामने प्रदर्शन किया है.
वहाँ मौजूद बीबीसी संवाददाता का कहना है कि प्रदर्शनकारियों में ज़्यादातर वृद्ध महिलाएँ थीं जो गिरफ़्तार किए गए 1400 से अधिक पुरुषों की रिहाई की माँग कर रही थीं.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ऐसा प्रदर्शन उस इलाक़े में अभूतपूर्व है.
कई महिलाओं ने पुलिसकर्मियों पर जूते फेंके. पुलिस ने पानी बरसाने की धमकी दी और फिर प्रदर्शनकारियों को पकड़ कर ले गई.
इससे पहले चीन के सरकारी मीडिया शिनजियांग में रविवार को हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद 1434 लोगों को गिरफ़्तार किया था.
प्रांत में कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं और सुरक्षा बल सड़कों पर गश्त लगा रहे हैं. चीन के शिनजियांग प्रांत की राजधानी उरुमकी में दंगे भड़कने से 156 लोग मारे गए हैं और 800 घायल हैं.
सोमवार को वहाँ प्रदर्शनकारी काशगार इलाक़े की मुख्य मस्जिद में एकत्र हुए थे लेकिन पुलिस ने बल प्रयोग से उन्हें तितर-बितर कर दिया.
चीन की सरकार ने हिंसा के लिए मुस्लिम वीगर समुदाय को दोषी ठहराया है लेकिन निर्वासन में रह रहे कुछ वीगर लोगों का कहना है कि पुलिस ने छात्रों पर गोली चलाई थी.
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे वीगर समुदाय के दो लोगों के हान चीनी समुदाय के लोगों के साथ दक्षिणी चीन में एक झड़प में मारे जाने के बाद न्याय की माँग करते हुए प्रदर्शन कर रहे थे
हिंसा पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने चिंता जताई है और अमरीका ने सभी पक्षों से संयम बनाए रखने को कहा है.
रविवार की तुलना में सोमवार को राजधानी उरुमकी कुछ शांत है. पुलिस और अर्धसैनिक बल मुख्य बाज़ार में गश्त लगा रहे हैं.
मोबाइल सेवाएँ ब्लॉक कर दी गई हैं और इंटरनेट कनेक्शन या तो धीमे हो गए हैं या फिर काट दिए गए हैं.
प्रत्यक्षदर्शियों और सरकारी मीडिया का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने वाहनों और घरों पर धावा बोला था और पुलिस के साथ झड़पें भी हुई थीं.


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