मध्य प्रदेश में बिजली खरीदी में गड़बड़ी की शिकायत लोकायुक्त से
नागरिक उपभोक्ता मंच की ओर से डॉ़ जी़ पी़ नाजपान्डे द्वारा लोकायुक्त को सौपे गए दस्तावेजों में कहा गया है कि प्रदेश सरकार ने विद्युत नियामक आयोग के निर्देशों की अवहेलना कर बगैर निविदा के तीन वर्षो में 1570 करोड़ रुपये की बिजली खरीदी है। इतना ही नहीं बिजली खरीदी के लिए न तो आयोग से मंजूरी ली गई और न ही आयोग से दर तय कराने की जरूरत महसूस की गई। अफसरों ने मनमर्जी से दरें तय कर बिजली खरीदी है। इतना ही नहीं सरकार ने बिजली खरीदी के जरिए एक निजी कम्पनी को विषेश तौर पर लाभ पहुंचाने की कोशिश की है।
डॉ़ नाजपान्डे ने लोकायुक्त नावलेकर से बिजली खरीदी में हुई गड़बड़ी की जांच कराने की मांग की है। लोकायुक्त ने भरोसा दिलाया है कि वे विधि विभाग से शिकायत का परीक्षण कर जांच कराएंगे।
डॉ़ नाजपान्डे ने बताया है कि उन्होंने बिजली खरीदी में हुई गड़बड़ी की शिकायत पूर्व में विद्युत नियामक आयोग से भी की थी, जिसमें आयोग ने सुनवाई करके पाया था कि बिजली खरीदी में पारदर्शिता नहीं है और नियमों की भी अनदेखी की गई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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