मैकनमारा भारत के पक्ष में चीन पर हमला करना चाहते थे
दीपांकर डे सरकार
लंदन, 7 जुलाई (आईएएनएस)। अमेरिका के पूर्व रक्षा मंत्री मैकनमारा चाहते थे कि यदि चीन भारत पर दोबारा हमला करता है तो अमेरिका उस पर परमाणु हथियारों के साथ हमला कर दे। मैकनामारा का 93 वर्ष की अवस्था में वाशिंगटन में निधन हो गया है।
यह अलग बात है कि विएतनाम युद्ध के लिए अपनी भूमिका को लेकर वह दुनिया के वामपंथी देशों की नजर में घृणित बन गए थे, लेकिन वर्ष 1968 में विश्व बैंक का प्रमुख बनने के बाद उन्होंने गरीबी से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए भारत को विश्व बैंक की ओर से पर्याप्त सहायता राशि उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
वर्ष 1962 में भारत व चीन के बीच हुए युद्ध के ठीक बाद वर्ष 1963 के मई महीने में भारत की रक्षा के लिए तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन एफ.केनेडी द्वारा जिस योजना पर चर्चा की गई थी, उसमें मैकनमारा ने प्रमुख भूमिका निभाई थी।
बोस्टन स्थित जॉन एफ.केनेडी प्रेसीडेंसियल लाइब्रेरी एंड म्यूजियम की ओर से जारी की गई आडियो रिकॉर्डिग में मैकनमारा केनेडी से कहते हैं, "चीन के खिलाफ भारत की रक्षा के लिए कोई ठोस वादा करने के पहले हमें यह समझ लेना चाहिए कि चीन द्वारा भारत पर किसी हमले की स्थिति में हमें परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करना होगा।"
समाचार पत्र न्यूयार्क टाइम्स ने रिकॉर्डिग में दर्ज मैकनमारा के बयान के हवाले से लिखा है, "चीनी कम्युनिस्टों द्वारा किसी भी इलाके पर हमला किए जाने की स्थिति में अमेरिका को परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की जरूरत होगी और बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिकों की उपस्थित के बाद भी इसे वरीयता देनी होगी।"
मैकनमारा और दो अन्य सलाहकारों को सुनने के बाद कैनेडी ने घोषणा की थी, "हमें भारत की रक्षा करनी चाहिए और इसलिए हम भारत की रक्षा करेंगे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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