प्रधानमंत्री ने सुरक्षा परिषद में सुधार पर दिया जोर
'द विजन फॉर इमर्जिग पावर्स-इंडिया' के लिए लिखे एक लेख में प्रधानमंत्री ने कहा है, "संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में निश्चित तौर पर बदलाव होना चाहिए ताकि वह सही मायने में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का प्रतिनिधित्व करे।" यह लेख इटली में सम्मेलन के मौके पर जी-8 द्वारा लाए गए दस्तावेज का हिस्सा है।
वर्तमान 'वीटो पावर' व्यवस्था को पुराना करार देते हुए प्रधानमंत्री ने लिखा है, "दो स्तरीय सदस्यता की व्यवस्था में उन पांच स्थायी सदस्यों को वीटों का अधिकार दिया गया है जो द्वितीय विश्व युद्ध में विजयी हुए थे। वह स्पष्ट तौर पर समय काल में की गई गलती है।"
उन्होंने कहा कि ब्रिटेन और फ्रांस दोनों स्थायी सदस्य हैं लेकिन जर्मन और जापान की अर्थव्यवस्थाएं उनसे कहीं बड़ी है, लेकिन उन्हें बाहर रखा गया। विकासशील देशों में केवल चीन को सदस्यता दी गई, यह भी उसके ऐतिहासिक कारणों से न कि बड़े आकार और महत्वपूर्ण विकासशील देश होने के नाते।
उन्होंने कहा, "यह स्वाभाविक है कि अगर आज इस व्यवस्था को तैयार किया जाए तो यह पहले से बहुत भिन्न होगी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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