पश्चिम अंटार्कटिका की बर्फ पिघलने के साथ ही 5 मीटर उठ जाएगी समुद्र की सतह
विक्टोरिया युनिवर्सिटी के अंटार्कटिक रिसर्च सेंटर (एआरसी) के उप निदेशक तिम नैश का कहना है, "पिछले 50 लाख वर्षो के दौरान ध्रुवीय बर्फ की चादरें कम से कम 40 बार जमी हैं और पिघली हैं। इस कारण समुद्र की सतह कई बार ऊपर-नीचे हुई है।"
नैश का कहना है, "जो सबूत फिलहाल मिले हैं, उनके अनुसार बर्फ की इस चादर के ग्रीनलैंड के साथ पहली बार पिघलने की संभावना बनी है। चूंकि पश्चिम अंटार्कटिक क्षेत्र समुद्र की सतह से नीचे हैं, लिहाजा समुद्र के गर्म होने के साथ ही बर्फ की चादर भी गर्म हो जाती है।"
एआरसी की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में नैश ने कहा है, "हम जानते हैं कि वातावरण में ग्रीनहाउस गैसों का स्तर फिलहाल थोड़ा अधिक है और पृथ्वी दो से तीन डिग्री ज्यादा गर्म हो चुकी है। जब पश्चिम अंटार्कटिक की बर्फ कई बार पिघली थी तो इससे समुद्र की सतह 10 मीटर तक ऊपर उठी थी।"
नैश ने कहा है, "अतीत में ये जलवायु परिवर्तन स्वाभाविक रूप से होते थे। लेकिन अब हमने इस प्रक्रिया को तेज कर दिया है। ग्रीनहाउस गैसों का स्तर वातावरण में बढ़ रहा है और तापमान पहले से ज्यादा तेजी के साथ बढ़ रहा है। यह हमारे लिए खतरनाक है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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