चीन के दंगाग्रस्त शहर में सशस्त्र प्रदर्शन, मृतकों की संख्या 156 हुई (लीड-2)
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार मंगलवार सुबह कम्युनिस्ट पार्टी की जिंजियांग क्षेत्रीय समिति के प्रचार विभाग के प्रमुख ली यी ने बताया कि मृतकों में 129 पुरुष और 27 महिलाएं शामिल हैं। पुलिस ने 1434 लोगों को हिंसा भड़काने के आरोप में गिरफ्तार किया है। ली ने बताया कि गिरफ्तार लोगों में 1,379 पुरुष और 55 महिलाएं हैं।
उन्होंने बताया, "पुलिस ने संदिग्धों से पूछताछ शुरू कर दी है।"
जिंजियांग प्रांत की दंगा प्रभावित राजधानी उरुमकी में मंगलवार को विदेशी पत्रकारों के एक दल का दौरा कराए जाने के दौरान सैकड़ों उइगरों ने विरोध प्रदर्शन किया।
उरुमकी गए संवाददाताओं के मुताबिक पुलिस द्वारा रोके जाने पर प्रदर्शनकारी वहीं बैठ गए।
यह तत्काल स्पष्ट नहीं हो सका है कि प्रदर्शन किस तरह समाप्त हुआ। इस बारे में सरकारी मीडिया ने भी कोई खबर नहीं दी है।
उधर उरुमकी के विभिन्न स्थानों पर हान समुदाय के हजारों लोगों के प्रदर्शन करने की खबरें हैं। हाथों में डंडे और चाकू लिए प्रदर्शनकारी अपने आवासों और परिवार के सदस्यों को सुरक्षा प्रदान करने के नारे लगा रहे थे।
सरकारी मीडिया ने खबर दी है कि पुलिस ने जिंजियांग में उइगरों के प्रदर्शन पर काबू पा लिया है।
पुलिस ने चीन के पश्चिमोत्तर शहर काशगर में सोमवार शाम 200 से ज्यादा प्रदर्शनकारी उइगरों को तितर-बितर कर दिया।
प्रांतीय राजधानी उरुमकी में उइगरों की विरोध रैली के बाद रविवार को भड़के दंगों में 1,000 से अधिक लोग घायल भी हुए। उइगर 26 जून को गुआंगदोंग प्रांत की एक खिलौना फैक्टरी में हुए एक विवाद में दो उइगर कर्मचारियों की मौत का विरोध कर रहे थे।
हालात पर काबू पाने के लिए 20,000 से ज्यादा सशस्त्र पुलिस, विशेष पुलिस, अग्निशमन कर्मियों और सैनिकों को उरुमकी भेजा गया है।
सरकार की ओर से सोमवार को जारी बयान में कहा गया कि यह हिंसा सोच-समझकर की गई और यह संगठित अपराध था। इसे विदेश से उकसाया तथा निर्देशित किया गया था।
इस बीच अमेरिका में उइगर कांग्रेस ने प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से कहा है कि बहुत से उइगरों को पुलिस द्वारा गोलियों से भून दिया गया या पीट-पीटकर मार दिया गया है। संगठन ने 800 से ज्यादा लोगों के मारे जाने का दावा किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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