चीनः सांप्रदायिक हिंसा, 140 की मौत

शिन्हुआ संवाद समिति के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शन के दौरान आने जाने वाले लोगों को निशाना बनाया और गाड़ियों में आग लगा दी जिसके बाद पुलिस को व्यवस्था कायम करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा.
दक्षिण चीन में पिछले महीने उईगुर और हान चीनियों के बीच हुई लड़ाई के बाद ये प्रदर्शन हो रहे हैं. चीन से बाहर रहने वाले उईगुर मुस्लिमों का कहना है कि पुलिस ने उरुमकी में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर गोलियां चलाई हैं.ज़िनज़ियांग की प्रांतीय सरकार ने आरोप लगाया कि देश से बाहर बैठ उईगुर अलगाववादियों ने हान चीनियों के ख़िलाफ़ लड़ाईयों को भड़काया है.
चीन में हान मूल के लोगो की बहुलता है जबकि उईगुर अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय के हैं. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि प्रदर्शनकारियों के संख्या पहले सैकड़ों में थी लेकिन यह संख्या हज़ार होने के बाद हिंसा शुरु हो गई. शिन्हुआ संवाद समिति का कहना है कि प्रदर्शनकारियों के पास चाकू, पत्थर. लाठियां थे जिससे उन्होंने सड़क पर खड़ी गाड़ियों को निशाना बनाया और सुरक्षा बलों से मारपीट की.इलाके़ में रात का कर्फ्यू लगा दिया गया है. उईगुर लोगों के समूहों का कहना है कि एक शांतिपूर्ण जूलूस को सरकारी हिंसा का निशाना बनाया गया है.
पिछले महीने एक छोटी सी घटना के कारण हान मूल के चीनी लोगों और उईगुरों में तनाव शुरु हुआ था. दक्षिणी ग्वांगदौंग प्रांत में किसी व्यक्ति ने स्थानीय वेबसाइट पर संदेश लिख दिया कि ज़िनज़ियांग से आए हान मूल के लड़कों ने दो लड़कियों का बलात्कार किया है. इसके बाद हान मूल के लोगों और उईगुरों के बीच एक कारखाने के पास लड़ाई हुई जिसमें दो उईगुर लोग मारे गए और 118 घायल हुए थे.
इसी घटना के जवाब में रविवार को प्रदर्शन हो रहे थे जिसमें हिंसा हुई और इतने अधिक लोग मारे गए हैं.


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