आयकर छूट की सीमा बढ़ी
वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने बजट पेश करते हुए आयकर छूट की सीमा बढ़ा दी है. व्यक्तिगत आयकर में छूट की सीमा डेढ़ लाख से बढ़ाकर एक लाख 60 हज़ार कर दी गई है. कॉरपोरेट टैक्स में कोई छूट नहीं दी गई है.
महिलाओं के लिए आयकर में छूट की सीमा एक लाख 80 हज़ार से बढ़ाकर एक लाख 90 हज़ार कर दी गई है. व्यक्तिगत आयकर पर 10 प्रतिशत अधिभार ख़त्म कर दिया गया है.
इसके अलावा फ़्रिंज बेनिफ़िट टैक्स को भी हटा दिया गया है. दरअसल कंपनियाँ जो राशि अपने कर्मचारियों की सुविधाओं पर ख़र्च करती हैं, उस पर भी कर लगाया जाता था, जिसे फ़्रिंज बेनिफिट टैक्स कहा जाता है. अब ये टैक्स ख़त्म कर दिया गया है..
उन्होंने बजट पेश करते हुए कहा है कि नौ फ़ीसदी विकास दर हासिल करना उनकी प्राथमिकता है. वित्त मंत्री ने कहा कि वर्ष 2008-09 में आर्थिक विकास दर 6.7 फ़ीसदी रही.
उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत दिख रहे हैं. प्रणब मुखर्जी ने बताया कि भारतीय अर्थव्यवस्था में व्यापार की भागीदारी 39 प्रतिशत हो गई है.
वर्ष 2008 में सामानों और सेवा के क्षेत्र में व्यापार दोगुना हुआ है. वित्त मंत्री ने कहा कि विदेशी निवेशक एक बार फिर भारतीय बाज़ार का रुख़ कर रहे हैं.
वित्त मंत्री ने राजमार्ग विकास के लिए कोष में 23 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी करने की घोषणा की. उन्होंने शहरी विकास की कई परियोजनाओं में ज़्यादा धनराशि निवेश करने का ऐलान किया.
वित्त मंत्री ने उम्मीद जताई कि आधारभूत क्षेत्र में निवेश वर्ष 2014 तक आर्थिक विकास दर का नौ फ़ीसदी हो जाएगा. उन्होंने सिंचाई परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त 1000 करोड़ रुपए देने की घोषणा की.
वित्त मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी क़ानून के तहत वर्ष 2008-09 में 4.47 करोड़ लोगों को रोज़गार मिला. उन्होंने कहा कि ये कार्यक्रम काफ़ी सफल रहा है.
प्रणब मुखर्जी ने इस कार्यक्रम में 31, 100 करोड़ रुपए लगाने की घोषणा की. इसके अलावा इंदिरा आवास योजना में 8800 करोड़ रुपए लगाए जाएँगे.
वित्त मंत्री ने कहा कि ग़रीबों को सिर्फ़ तीन रुपए प्रति किलोग्राम की दर से चावल और गेहूँ उपलब्ध कराया जाएगा.
एलसीडी टेलीविज़न सस्ता होगा.
ब्रांडेड आभूषणों पर से उत्पाद शुल्क पूरी तरह हटाया गया.
सोना-चाँदी पर सीमा शुल्क बढ़ा.
सरकार जल्द ही खाद्य सुरक्षा विधेयक लेकर आएगी.
सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियाँ सरकार के नियंत्रण में ही रहेंगी.
देश में बैंकिंग सेक्टर का विस्तार किया जाएगा.
तीन साल में महिला शिक्षा दोगुनी की जाएगी.
राष्ट्रमंडल खेलों का बजट बढ़ाकर 3472 करोड़ रुपए किया गया.
ग़रीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों के लिए 350 करोड़ रुपए.
श्रीलंका में विस्थापित लोगों के लिए 500 करोड़ रुपए.


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