आम बजट : कांग्रेस ने सराहा, भाजपा ने कोसा
कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश पचौरी ने कहा है कि आम बजट हर वर्ग की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है और यह संतुलित और विकासोन्मुखी है। वैश्विक मंदी के दौर में शहरी और ग्रामीण विकास अधोसंरचना, किसान महिला, पेंशनधारियों, युवाओं के हितों के संवर्धन को ध्यान में रखकर यह बजट तैयार किया गया है। जीवन रक्षक दवाओं की कीमतों में कमी करके सरकार ने गरीब तबके के लोगों की हमदर्दी को दर्शाया है। इसके अलावा किसान, महिला, मजदूर और गरीब तबके के लिए अनेक योजनाएं बनाकर खुशहाल भारत बनाने का संकल्प दोहराया है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आम बजट को किसान विरोधी और जन अनुपयोगी बताया है। उन्होंने कहा है कि महंगाई और मंदी की मार से निपटने के लिए इस बजट में कोई ठोस पहल नहीं की गई है। यह बजट आम जनों की परेशानियोंको और बढाने वाला साबित होगा।
उन्होंने कहा है कि केन्द्र सरकार अपने को किसान हितैषी बताती है मगर उसने तीन लाख से ऊपर के कृषि ऋण पर सात प्रतिशत का भारी भरकम ब्याज लगाया है। वहीं मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों के ऋण पर ब्याज को तीन प्रतिशत कर दिया है।
प्रदेश के वित्त मंत्री राघवजी ने केन्द्रीय करों के राज्य के हिस्से में कमी किए जाने पर चिन्ता जताई है। उन्होंने कहा है कि इससे मध्य प्रदेश को केन्द्रीय करों के हिस्से में प्राप्त होने वाली राशि में लगभग 460 करोड़ की कमी होगी।
मार्क्सवादी कम्युनिष्ट पार्टी के राज्य सचिव बादल सरोज ने कहा है कि केन्द्र सरकार ने पूरी दुनिया में चल रही मंदी के इस दौर में अपने को बचाने की कोई सार्थक पहल नहीं की है। बल्कि विनिवेश को बढावा देने की बात कहकर सरकार ने घर की चाबी बेचकर नगद राशि हासिल करने की मंशा जाहिर कर दी है। वाम दलों के दबाव में यह सरकार बीते पांच साल जो नहीं कर पाई थी वह अब पूरा किया जा रहा है। वह विनिवेश किस स्तर तक होगा इसका खुलासा भी बजट में नहीं किया गया है। उन्होंने कहा है कि कर्मचारियों को आयकर की यातना से मुक्ति नहीं मिली है। छठवां वेतन मान लागू होने के बाद आयकर में जितनी छूट की उम्मीद थी वह हासिल नहीं हुई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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