बजट प्रत्येक वर्ग के लिए निराशाजनक : धूमल
उन्होंने कहा कि आयकर दाताओं, विशेष रूप से मध्य वर्ग को कोई राहत नहीं मिली है, जबकि उन्हें इसकी आशा थी। बजट में कर्मचारी वर्ग भी प्रभावित होगा क्योंकि संशोधित वेतनमान के बाद उनके वेतन में वृद्घि हुई है तथा कर के लिए न्यूनतम आय सीमा न बढ़ने से आय कर का उन पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। वरिष्ठ नागरिकों व महिलाओं को आयकर पर दी गई राहत भी 'ऊंट के मुंह में जीरे' के समान है। कारपोरेट कर में भी कोई परिवर्तन नहीं किया गया है, जो कारपोरेट क्षेत्र के लिए निराशाजनक है।
प्रो़ धूमल ने कहा कि केन्द्रीय बजट हिमाचल प्रदेश तथा प्रदेशवासियों के लिए निराशाजनक रहा क्योंकि उन्हें आशा थी कि औद्योगिक पैकेज की अवधि को वर्ष 2013 तक बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में स्थापित औद्योगिक इकाइयों के लिए आबकारी कर में छूट को मार्च, 2013 तक बढ़ाए जाने की आशा थी, जो कि मार्च 2010 में समाप्त हो जानी है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की छूट प्रदान न करने से सामान्य आर्थिक मंदी के दौर में प्रदेश में औद्योगिक निवेश गंभीर रूप से प्रभावित होगा। उन्होंने कहा कि इससे वे लोग निराश हुए है, जो हिमाचल प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के इच्छुक थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि वर्तमान केन्द्रीय बजट में कोई स्वागत योग्य निर्णय लिया गया है तो वह है 'एक रैंक एक पेंशन' को लागू करना। उन्होंने कहा कि इससे सैनिकों तथा भूतपूर्व सैनिकों की अरसे से लम्बित मांग पूरी हुई है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस निर्णय को अक्षरश: लागू किया जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications