आम बजट : वैश्विक स्थिति पर निर्भर करेगा अर्थव्यवस्था में सुधार : मुखर्जी
नई दिल्ली, 6 जुलाई (आईएएनएस)। वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने सोमवार को कहा कि चालू वित्त वर्ष में देश की अर्थव्यवस्था में सुधार तब तक मुश्किल है जब तक कि वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में बदलाव न दिखे।
लोकसभा में आम बजट 2009-10 पेश करने के बाद एक टीवी चैनल से बातचीत में मुखर्जी ने कहा कि चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में अर्थव्यवस्था के पटरी पर लौटने की उम्मीद है लेकिन यदि पश्चिमी अर्थव्यवस्थाओं में सुधार नहीं आता है तो इसमें और लंबा समय लग सकता है।
चालू वित्त वर्ष में बजट घाटा बढ़कर 6.8 फीसदी होने के अनुमान से जुड़े सवाल पर वित्त मंत्री ने कहा कि घाटे की स्थिति अमेरिका और ब्रिटेन की तुलना में काफी बेहतर है।
उन्होंने कहा, "मैं सोंचता हूं कि इस साल अमेरिका में वित्तीय घाटा 11 और ब्रिटेन में 16 फीसदी से अधिक है। इसकी तुलना में 6.8 फीसदी काफी बेहतर है।"
मुखर्जी ने कहा कि उनका लक्ष्य चालू वित्त वर्ष में छह फीसदी विकास दर हासिल करने के साथ आने वाले वर्ष में अर्थव्यवस्था की रफ्तार आठ फीसदी करना है।
कर सुधारों के बारे में वित्त मंत्री ने कहा, "मैं कर में छूट देने के झंझट से दूर रहना चाहता हूं। मेरा लक्ष्य कर दर को कम करना और कर वापसी की प्रक्रिया आसान बनाना है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications