मध्य प्रदेश पर 5 साल में दोगुना कर्ज हुआ
यह जानकारी राज्य विधानसभा में राज्य के वित्त मंत्री राघवजी ने कांग्रेस के राकेश सिंह चतुर्वेदी द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में दी। उन्होंने बताया है कि 31 मार्च 2003 को मध्य प्रदेश पर कुल 25 हजार 625 करोड़ रुपये का कर्ज था जो 31 मार्च 2008 को बढकर 49 हजार 315 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। वित्त मंत्री के मुताबिक राज्य पर बाजार से लिया गया कर्ज 12 हजार 646 करोड़ रुपये है।
वित्त मंत्री द्वारा दी गई जानकारी में बताया गया है कि प्रदेश पर केन्द्र सरकार का आठ हजार 781 करोड़ रुपये, भारतीय जीवन बीमा निगम का 149 करोड़ रुपये, राष्ट्रीय कृषि तथा ग्रामीण विकास बैंक का दो हजार 38 करोड़ रुपये, राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम का 33 करोड़ रुपये, अन्य संस्थाओं का 688 करोड़ रुपये, साधारण बीमा निगम का 16 करोड़ रुपये, अल्प बचत ऋण 14 हजार 300 करोड़ रुपये, भारतीय स्टेट बैंक एवं अन्य बैंकों का 121 करोड़ रुपये और अल्प बचत व भविष्य निधियों का सात हजार 274 करोड़ रुपये का कर्ज है।
राज्य सरकार ने लिए गए कर्ज पर वर्ष 2002-03 में दो हजार 502 करोड़ रुपये और वर्ष 2007-08 में चार हजार 190 करोड़ का बतौर ब्याज के तौर पर भुगतान किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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