आम बजट : पंजाब विश्वविद्यालय के लिए के लिए 50 करोड़ रुपये
विश्वविद्यालय को केंद्र और पंजाब सरकार 60 : 40 प्रतिशत के अनुपात में कोष उपलब्ध कराते हैं। आज घोषित अनुदान राशि से विश्वविद्यालय को वित्त की कमी से उबरने में मदद मिलेगी।
मनमोहन सिंह ने अपनी स्नातक और परास्नातक की डिग्री पंजाब विश्वविद्यालय से ही 50 के दशक में हासिल की थी। बाद में उन्होंने यहां एक लेक्च रर के रूप सेवा दी और 32 वर्ष की युवावस्था में प्रोफेसर बने।
हाल के वर्षो में पंजाब सरकार ने विश्वविद्यालय के अनुदान में भारी कमी की है, इससे संस्थान में संसाधनों की कमी हो गई।
पंजाब सरकार पहले विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाने पर सहमत हो गई थी लेकिन बाद में उसने यह कहते हुए अपना फैसला बदल दिया कि इससे चंडीगढ़ पर उसका दावा कमजोर होगा।
चंडीगढ़ अभी पंजाब और हरियाणा दोनों राज्यों की संयुक्त राजधानी है और केंद्र शासित क्षेत्र है। पंजाब चाहता है कि चंडीगढ़ उसे सौंप दिया जाए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*


Click it and Unblock the Notifications