वर्ष 2009-10 का आम बजट पेश करते हुए मुखर्जी ने लोकसभा में कहा, मैं कानूनी सेवा सेवाओं को सेवा कर के दायरे में लाए जाने का प्रस्ताव करता हूं।इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।