म्यांमार ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव को निराश किया (लीड-1)
बान, सू की से मुलाकात करने की इजाजत न मिलने के बाद अपने विचार व्यक्त कर रहे थे।
म्यांमार से शनिवार की शाम रवाना होने से पहले आयोजित एक पत्रकार वार्ता में निराश दिख रहे मून ने कहा, "आंग सान सू की से मिलने की इजाजत न मिलने का मुझे गहरा दुख है।"
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार मून म्यांमार के सैन्य मुख्यालय नैपिटा से शनिवार को यहां पहुंचे। उन्होंने जुंटा प्रमुख सीनियर जनरल थान श्वे से शुक्रवार और शनिवार को दो बार मुलाकात की।
मून ने थान श्वे से अगले साल होने वाले आम चुनावों के मद्देनजर 64 वर्षीया सू की और 2,100 अन्य राजनीतिक कैदियों को रिहा करने का अनुरोध किया। उन्होंने म्यांमार की कुख्यात इंसेन जेल में बंद सू की से भी मुलाकात कराने का अनुरोध किया। मून के दोनों अनुरोध ठुकरा दिए गए। इसकी पुष्टि सरकारी अधिकारियों ने की।
मून ने कहा, "सू की को बिना देरी किए राजनीतिक प्रक्रिया में हिस्सा लेने की हर हाल में इजाजत दी जानी चाहिए।"
कड़े शब्दों में मून ने आगे कहा, "मानवाधिकारों का और लोकतंत्र का सम्मान किए बगैर कोई भी देश विकास नहीं कर सकता।"
इसके पहले यंगून के एक अधिकारी ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया था, "मून और सू की की मुलाकात नहीं होगी।"
यंगून पहुंचने के तत्काल बाद मून इरावदी डेल्टा चले गए। यह क्षेत्र पिछले साल आए तूफान नरगिस की चपेट में आ गया था और यहां 140,000 लोग लापता हो गए थे।
शनिवार रात मून बैंकाक रुकेंगे। वह वहां सुवर्णभूमि हवाई अड्डे पर थाई प्रधानमंत्री अभीष्ट वेज्जाजीवा से भेंट करेंगे।
थाई विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार दोनों नेताओं की मुलाकात के दौरान म्यांमार के मसले पर भी चर्चा होगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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