आम की फसल के लिए मण्डी मध्यस्थता योजना कार्यान्वित करने के लिए निर्देश
इसके अतिरिक्त गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी प्रापण करने वाली एजेसियां को एक रुपये प्रति किलोग्राम 'प्रबन्धन शुल्क (हैडलिंग चार्जिज) बसूलने की भी अनुमति होगी। प्रापण प्रक्रिया प्रथम जुलाई से 15 अगस्त, 2009 के बीच प्रभाव में रहेगी। इसके लिए एच़ पी़ एम़ सी़, हिमफैड तथा हि़ प्ऱ एग्रो मार्केटिंग निगम प्रापण एजेंसियां होगी। बीज आम के लिए प्रापण मात्रा 300 मीट्रिक टन तथा कलमी आम के लिए 200 मीट्रिक टन निर्धारित की गई है।
यह भी निर्णय लिया गया है कि वाष्पीकरण हानि के दृष्टिगत किसानों से 2़5 प्रतिशत अधिक फल लिए जाएंगे। यह योजना 34 प्रापण केन्द्रों के माध्यम से चलाई जाएगी। यदि बागानों की मांग हुई तो अधिक केन्द्र भी खोले जा सकते हैं। उन्हीं किसानों/बागवानों से फलों की खरीद की जाएगी, जिनके पास बागवानी कार्ड है। इस योजना के तहत केवल पके हुए बीज व कलमी आमों की खरीद की जाएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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