भारतीय बांध परियोजना से बांग्लादेश सरकार पर भारी राजनीतिक दबाव
दबाव के कारण सरकार को विशेषज्ञों और सांसदों के एक दल को परियोजना स्थल पर भेजने का निर्णय लेना पड़ा है। बहरहाल अभी दौरे की तिथि की घोषणा नहीं हुई है।
समाचार पत्र 'न्यू एज' के अनुसार अवामी लीग के कई सांसदों और मंत्रियों का विश्वास है कि बराक नदी पर बनने वाला तिपाईमुख बांध बांग्लादेश में नदी के निचले बहाव वाले इलाके में पर्यावरण को नुकसान पहुंचा सकता है। वे इस मसले पर भारत के साथ द्विपक्षीय वार्ता करना चाहते हैं।
उधर, विपक्षी पार्टियों ने बांध परियोजना का विरोध कर रहे पर्यावरणवादियों, स्वयंसेवी संस्थाओं और अन्य बुद्धिजीवियों का समर्थन करना आरंभ कर दिया है। इनमें से कुछ ने सड़कों पर विरोध प्रदर्शन भी किए।
बांग्लादेश के वित्त मंत्री अबुल माल अब्दुल मुहीथ ने परियोजना का विरोध करते हुए कहा कि प्रस्तावित बांध देश के पर्यावरण और प्रकृति के लिए नुकसानदायक है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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