रेल बज़टः महिलाओं, युवाओं के लिए सौगात

युवाओं के लिए वातानुकूलित 'युवा' रेलगाड़ियां चलाई जाएंगी। 'युवा' में 1500 किलोमीटर तक के लिए 299 रुपये और 2,500 किलोमीटर तक के लिए 399 रुपये किराया होगा। मदरसों में पढ़ने वाले छात्रों को भी रेल यात्रा में छूट मिलेगी। इसके अलावा कोलकाता मेट्रों में छात्रों को 60 फीसदी तक की छूट मिलेगी।
ममता ने महिलाओं का खास ध्यान रखते हुए व्यस्त सीजन में उनके लिए विशेष रेलगाड़ियां भी चलवाएंगी। साथ ही 50 मोबाइल रेल टिकट वैन शुरू करने। मध्य और छोटे आकार के 200 स्टेशनों पर एटीएम की सुविधा। 140 संवेदनशील स्टेशनों के लिए एकीकृत सुरक्षा योजना की तैयारी। शारीरिक रूप से विकलांग और अल्पसंख्यकों के लिए विशेष भर्ती योजना। रेलवे के ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क के व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए सैम पित्रोदा की अध्यक्षा में समिति बनेगी।
माल ढुलाई टर्मिनलों के लिए निजी संचालन को बढ़ावा। सभी लंबी दूरी की रेलगाड़ियों में कम से कम एक डॉक्टर को नियुक्त किया जाएगा। पश्चिम बंगाल में प्रतिवर्ष 500 खूबसूरत डिब्बे बनाने के लिए नया कारखाना। रेलवे स्टेशनों पर 'जनता के लिए खाना' उपलब्ध करवाया जाएगा।
रेलवे आर्थिक व्यवहार्यता से नहीं बल्कि सामाजिक प्रतिबद्धता से संचालित होगी। रेलवेकर्मियों के पति या पत्नियों को रोजगार के लिए सात नर्सिग कॉलेज खोले जाएंगे। निजी-सार्वजनिक भागीदारी के तहत मेडिकल कॉलेज खोले जाने का प्रस्ताव। कच्चे माल को बर्बाद होने से बचाने के लिए कोल्ड स्टोरेज और ढुलाई की सुविधा मुहैया करवाई जाएगी। निजी-सार्वजनिक भागीदारी के आधार पर 50 स्टेशनों को विश्वस्तरीय बनाया जाएगा। कुल 350 में से 309 स्टेशनों पर आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। पर्यटन और धार्मिक महत्व के 50 स्टेशनों पर एकीकृत सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।
राजधानी एक्सप्रेस में लंबी दूरी के यात्रियों के लिए इंफोटेनमेंट सुविधा। अनारक्षित टिकट बिक्री व्यवस्था के लिए पांच हजार से बढ़ाकर आठ हजार टर्मिनल बनाए जाएंगे।


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