समलैंगिकता पर मशविरा करेंगे प्रधानमंत्री
नई दिल्ली, 3 जुलाई (आईएएनएस)। दिल्ली उच्च न्यायालय के ऐतिहासिक फैसले के बाद समलैंगिक संबंधों का मामला अब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अदालत में जा पहुंचा है। अदालत के फैसले का सम्मान करते हुए धारा 377 में संशोधन किया जाए या नहीं इस बारे में प्रधानमंत्री ने कैबिनेट के तीन मंत्रियों से राय मांगी है।
कानून मंत्री एम.वीरप्पा मोइली ने शुक्रवार को संवाददाताओं को बताया, "प्रधानमंत्री ने गृह मंत्री, कानून मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से कहा है कि तीनों बैठकर इस मुद्दे पर कोई राय तय करें।"
मोइली ने कहा कि तीनों मंत्री इस मुद्दे का विश्लेषण करेंगे।
मोइली ने कहा, "हम इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे।"
ज्ञात हो कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने गुरुवार को अपने एक आदेश में कहा था कि आपसी रजामंदी के साथ बनाया गया समलैंगिक रिश्ता अपराध नहीं है। लेकिन कई सारे धार्मिक नेताओं ने अदालत के इस फैसले की निंदा की है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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