रेल बजट : रेल गाड़ियों को जंग लगने से भी बचाएंगे वैक्यूम शौचालय

देश के इंजीनियरों को यात्रियों द्वारा विसर्जित किए जाने वाले अम्लीय मल-मूत्र से बोगियों में लगने वाले जंग की समस्या से जूझना पड़ता है। इस कारण रेल गाड़ियां जल्द क्षतिग्रस्त हो जाती हैं और उन्हें पटरियों से हटाना पड़ता है।

शुक्रवार को रेल बजट पेश करते हुए ममता बनर्जी ने कहा, "रेल गाड़ियों में पर्यावरण अनुकूल हरित शौचालयों को लगाने के लिए उनका परीक्षण जारी है। हम कुछ बोगियों में हवाई जहाज में इस्तेमाल किए जाने वाले वैक्यूम शौचालयों के परीक्षण की भी योजना बना रहे हैं।"

रेलगाड़ियों को जंग लगने से बचाने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर (आईआईटी-के) के वैज्ञानिकों ने हाल ही में एक विशेष प्रकार का मिश्रित स्टील तैयार किया है, जो अपेक्षाकृत जंगरोधी है।

आईआईटी-के में तत्व विज्ञान विभाग के प्राध्यापक आर. बालासुब्रमण्यम ने मई महीने में आईएएनएस से कहा था, "तेज रफ्तार से चलने वाली रेलगाड़ियों में यात्रियों द्वारा विसर्जित किया जाने वाला मल-मूत्र बोगियों के निचले हिस्से में बुरी तरह छिटक जाता है और उसके कारण बोगियों में जंग लग जाता है। यह एक बड़ी समस्या है। क्योंकि यहां लंबी दूरी की गाड़ियां चलती हैं, लिहाजा यात्रा के दौरान शौचालय का ज्यादा इस्तेमाल होता है। परिणामस्वरूप रेलगाड़ियां जंग के कारण जल्द ही क्षतिग्रस्त हो जाती हैं।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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