'समलैंगिकता को वैध ठहराना गलत'

Homosexuality
लखनऊ। दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा गुरुवार को समलैंगिक संबंधों को वैध ठहराने के फैसले पर मुस्लिम धर्मगुरुओं ने ऐतराज जताते हुए इसे समाज के लिए घातक बताया है। वे इसे कानूनी मान्यता दिए जाने का खिलाफ हैं और केंद्र सरकार से इसपर रोक लगाने की मांग करेंगे।

सुन्नी धर्मगुरु मौलाना खालिद रशीद फिरंग महली ने समलैंगिकता को कानूनी मान्यता देने को अनुचित बताया और कहा कि यह समाज के लिए बहुत घातक और नुकसानदेह है। उन्होंने कहा, "कोई भी धर्म समलैंगिकता को स्वीकार नहीं करता। इसे मान्यता देने से पूरी युवा पीढ़ी गर्त में चली जाएगी।"

उधर, शिया धर्मगुरु कल्बे जव्वाद ने कहा, "समलैंगिकता हमारे देश की संस्कृति के खिलाफ है। इसके लिए हमारे समाज में कोई गुंजाइश नहीं है। समलैंगिकता एक मानसिक विकृति है और इसे वैधानिक करने का मतलब इस विकृति को आगे बढ़ाना है।"

जव्वाद ने कहा कि समलैंगिकता से समाज में एचआईवी/एड्स जैसी घातक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ जाएगा और समाज में बच्चों के खिलाफ अपराधों में भी वृद्धि होगी।

मुस्लिम धर्मगुरुओं ने कहा कि वे जल्द ही दूसरे धर्म के विद्वानों के साथ बैठकर इसके खिलाफ मजबूत कदम उठाएंगे। वहीं इस फैसले पर कुछ हिंदू संगठनों ने भी आपत्ति जताई है। उल्लेखनीय है कि धारा 377 के तहत समलैंगिकता और अप्राकृतिक यौन संबंध को अपराध माना जाता रहा है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+