कश्मीर में भीड़ ने सीआरपीएफ का वाहन फूंका, तीन आतंकवादी मारे गए (राउंडअप)
श्रीनगर-बारामूला राज मार्ग पर पल्हलान में बुधवार को अपराह्न् क्रुद्ध भीड़ ने सीआररपीएफ के एक वाहन को आग के हवाले कर दिया। बताया गया है कि वाहन पर सवार सशस्त्र बलों ने किसी अनहोनी को टालने के लिए जवाबी कार्रवाई नहीं की।
श्रीनगर के ऊपरी मैसुमा इलाके में भी बुधवार को छिटपुट संघर्ष की घटनाएं घटती रहीं और परिणामस्वरूप लगभग आधा दर्जन लोग घायल हो गए। दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग और उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा जिले में भी विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए।
उत्तरी कश्मीर के सोपोर कस्बे में प्रदर्शनकारियों का पुलिस के साथ जमकर संघर्ष हुआ, परिणामस्वरूप भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस ने लाठी चार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे।
उधर, मंगलवार को सुरक्षा बलों के साथ संघर्ष में घायल हुए एक युवक के बुधवार को दम तोड़ देने के साथ ही सोमवार से यहां भड़की हिंसा में मरने वालों की संख्या चार हो गई है।
आमिर (24) नाम का एक युवक मंगलवार को उस समय घायल हो गया था, जब खानपोरा इलाके में पथराव करती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों ने फायरिंग की थी। बुधवार सुबह सौरा चिकित्सा संस्थान में आमिर की मौत हो गई।
बारमूला में सुबह आमिर का शव पहुंचते ही तनाव फैल गया। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की गोलीबारी में फैयाज अहमद गोजरी (17) नाम के एक अन्य किशोर की भी मंगलवार को मौत हो गई थी।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, "पुलिस ने सीआरपीएफ के जवान के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। सीआरपीएफ इकाई के अधिकारियों से उसे को पुलिस के हवाले करने को कहा गया है।"
अधिकारी ने बताया, "इलाके से सीआरपीफ को हटा लिया गया है और स्थानीय पुलिस के जवानों को तैनात किया जा रहा है।"
आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि सरकार ने इस फायरिंग की जांच के आदेश दिए हैं। जांच 10 दिनों के भीतर पूरी हो जाएगी।
गौरतलब है कि बारामूला में प्रदर्शन उस समय आरंभ हुए थे, जब एक महिला ने आरोप लगाया था कि एक पुलिस अधिकारी ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया था।
लेकिन पुलिस ने महिला के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस का कहना है कि महिला के पति ने कस्बे में एक नाबालिग लड़की के अपहरण में अपने साले की मदद की थी। पुलिस ने बाद में लड़की और उसके अपहर्ता को ढूंढ निकाला।
लड़की के पिता ने कहा है कि जब महिला पुलिस थाने में पहुंची थी तो वह वहां पूरे समय तक मौजूद था। उसने महिला के आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया है। लड़की के पिता का आरोप है कि वह अपने पति और भाई द्वारा किए गए अपराधों की ओर से लोगों का ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है।
बुधवार सुबह अनंतनाग में कर्फ्यू जैसे प्रतिबंध लगा दिए गए हैं। यहां के लोग उस युवक के बारे में जानकारी उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं, जिसे कुछ दिन पहले सेना के जवान कथित तौर पर अपने साथ ले गए थे।
इस बीच घाटी में सैयद अली शाह गिलानी की अध्यक्षता वाली हुर्रियत कांफ्रेंस के कट्टरपंथी गुट द्वारा किए गए तीन दिन के बंद के आह्वान के मद्देनजर सामान्य जीवन लगातार दूसरे दिन भी अस्तव्यस्त रहा।
इसी बीच पहाड़ी जिले डोडा में बुधवार को सेना और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ में कम से कम तीन आतंकवादी मारे गए।
मुठभेड़ जम्मू से 170 किलोमीटर दूर डोडा के उत्तरपूर्व के एक जंगल में हुआ। ब्रिगेडियर जनरल गुरदीप सिंह के अनुसार बुधवार दोपहर आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में तीन आतंकवादी मारे गए हैं।
उन्होंने बताया कि मारे गए सभी आतंकवादियों का संबंध लश्कर-ए-तैयबा से है। सेना इलाके में आतंकवादियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाए हुए है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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