लिब्रहान रिपोर्ट पर 12 जुलाई को चर्चा करेगा मुस्लिम बोर्ड
बोर्ड के एक वरिष्ठ सदस्य मौलाना खालिद रशीद ने आईएएनएस से कहा, "यद्यपि लिब्रहान आयोग ने तीन महीने के बदले अपनी रिपोर्ट सौंपने में 17 वर्ष लगा दिए हैं, फिर भी हम यह जानना चाहेंगे कि 16वीं सदी की बाबरी मस्जिद को ढहाए जाने के बारे में इस रिपोर्ट का क्या कहना है।"
वर्ष 1992 में बाबरी मस्जिद ढहाए जाने की घटना की जांच के लिए आज के 17 साल पहले गठित किए गए लिब्रहान आयोग ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को सौंप दी है।
रशीद ने कहा, "चूंकि हमारी अगली बैठक अगले 10 दिनों बाद कालीकट में निर्धारित है, लिहाजा मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड के सभी सदस्य उस बैठक में स्वाभाविक रूप से उस रिपोर्ट पर कोई निर्णय लेना चाहेंगे।"
लखनऊ ईदगाह के नायब इमाम और साढ़े तीन सौ साल पुराने फिरंगी महल मदरसे के प्रमुख मौलाना रशीद को भरोसा है कि बाबरी मस्जिद ठहाए जाने के पीछे जिम्मेदार रहे सभी नेताओं को इस रिपोर्ट में बेनकाब कर दिया गया होगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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