जहाजरानी मंत्रालय ने 100 दिन का एजेंडा जारी किया
जहाजरानी मंत्री जी.के.वासन द्वारा जारी एजेंडे के अनुसार पारादीप और मर्मगोवा बंदरगाहों पर कोयला टर्मिनल और एन्नौर तथा तूतीकोरिन बंदरगाहों पर कंटेनर टर्मिनल सहित सार्वजनिक-निजी भागीदारी की पांच परियोजनाओं को आरंभ किए जाने की संभावना है।
इसके अलावा बुधवार को एक समूह के साथ पारादीप में लौह अयस्क टर्मिनल के निर्माण के संबंध में समझौते पर हस्ताक्षर भी हुए। इस परियोजना की लागत 506 करोड़ रुपये है और इससे बंदरगाह की क्षमता में 100 लाख टन वार्षिक की वृद्धि होगी।
सभी छहों परियोजनाओं की लागत करीब 3,320 करोड़ रुपये है।
मंत्रालय मंत्रिमंडल की स्वीकृति के बाद अंदमान और निकोबार तथा लक्षद्वीप को बड़ा बंदरगाह घोषित करना चाहता है।
बयान में कहा गया है कि भारतीय जहाजरानी निगम से जहाजों को हासिल करने के लिए मंत्रालय कोचीन शिपयार्ड के साथ आवश्यक अनुबंधों पर हस्ताक्षर करेगा।
मंत्रालय के कुछ प्रमुख लक्ष्य ये हैं :
-भारतीय ड्रेजिंग निगम 1,570 करोड़ रुपये की अनुमानित कीमत से तीन ट्रेलर ड्रेजर हासिल करेगा।
- 89.74 करोड़ रुपये की लागत से कोल्लम-कोट्टापुरम नहर की खुदाई का दूसरा चरण पूरा करना।
-लक्षद्वीप तथा अंडमान और निकोबार द्वीप प्रशासन के लिए दो यात्री पोतों को हासिल करना।
- हिंदुस्तान शिपयार्ड का वित्तीय पुनर्गठन करना और रक्षा मंत्रालय को संपत्तियों का हस्तांतरण।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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