इराक़ी शहरों से हट रहे अमरीकी सैनिक

इराक़ में मौजूद अमरीकी सैनिक मंगलवार को वहाँ के शहरों से हट जाएँगे. इस मौक़े पर इराक़ में उत्सव जैसा माहौल है और सार्वजनिक छुट्टी घोषित की गई है. पूरे देश के शहरी इलाक़ों में अमरीकी सैनिक मंगलवार को हट जाएँगे. इस अवसर पर इराक़ में जश्न का माहौल है.
इराक़ी प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने मंगलवार को राष्ट्रीय संप्रभुता दिवस मनाने की घोषणा की है. इस दिन सार्वजनिक छुट्टी रहेगी.
राजधानी बग़दाद में पटाखे छूट रहे हैं और उत्सव जैसा महौल है. इराक़ी और अमरीकी, दोनों ही कह रहे हैं कि ये एक महान घड़ी है, एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर. हालाँकि इराक़ में हाल के समय में बमबारी बढ़ गई है और इस महीने 200 से अधिक लोग मारे गए हैं.
भूमिका
लेकिन अमरीका इराक़ में अपनी भावी भूमिका में कोई बदलाव नहीं करना चाहता. ऐसा भी नहीं है कि अमरीकी सैनिक इराक़ से लौट रहे हैं, अमरीकी सैनिक इराक़ में रहेंगे.
बड़ी बात ये है कि इससे ये प्रकट होता है कि अमरीका सरकार और अमरीकी सेना, दोनों को इराक़ी सुरक्षाबलों पर भरोसा है. मुझे नहीं लगता कि हमने कभी सोचा था कि ऐसा दिन आएगा एमा स्काई
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लेकिन फ़र्क़ ये होगा कि शहरी इलाक़ों में उसकी भूमिका ये होगी कि वो इराक़ी सेना और सुरक्षाबलों को प्रशिक्षण देगी.
इसके अलावा ज़रूरत पड़ने पर वह सैन्य अभियानों में इराक़ी सुरक्षाबलों की सहायता भी करेगी. इसके अतिरिक्त जो भी अमरीकी सैनिक होंगे वे शहरों से बाहर अपने सैन्य ठिकानों पर चले जाएँगे.
इराक़ी शहरों की सुरक्षा का दायित्व अब इराक़ी सुरक्षाकर्मियों के कंधे पर होगा. अमरीकी सैनिक थोड़े फ़ासले पर, शहरों से दूर रहेंगे.
इसके बावजूद इराक़ में अमरीकी कमांडर की एक वरिष्ठ सलाहकार एमा स्काई का कहना है कि अमरीकी सैनिकों का पीछे हटना एक बड़ी बात है.
भरोसा
उन्होंने कहा, "बड़ी बात ये है कि इससे ये प्रकट होता है कि अमरीका सरकार और अमरीकी सेना, दोनों को इराक़ी सुरक्षाबलों पर भरोसा है. मुझे नहीं लगता कि हमने कभी सोचा था कि ऐसा दिन आएगा."
हमने बिल्कुल जड़ से सबकुछ शुरू किया, हमारी सैन्य-व्यवस्था और सुरक्षा-तंत्र छिन्न-भिन्न हो चुके थे, दो-तीन साल पहले हमारे यहाँ गृहयुद्ध की नौबत आई हुई थी, लेकिन हम उस संकट से उबरे और अब हम इस योग्य बन गए हैं कि अपनी सुरक्षा का ज़िम्मा अपने हाथों में ले सकें हैदर अल ओबैदी
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वहीं इराक़ी सांसद और इराक़ी प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी के सलाहकार हैदर अल ओबैदी दो-तीन साल पहले के दौर को याद करते हुए कहते हैं कि उनका देश काफ़ी आगे निकल आया है.
उन्होंने कहा, "हमने बिल्कुल जड़ से सबकुछ शुरू किया, हमारी सैन्य-व्यवस्था और सुरक्षा-तंत्र छिन्न-भिन्न हो चुके थे, दो-तीन साल पहले हमारे यहाँ गृहयुद्ध की नौबत आई हुई थी, लेकिन हम उस संकट से उबरे और अब हम इस योग्य बन गए हैं कि अपनी सुरक्षा का ज़िम्मा अपने हाथों में ले सकें."
इराक़ में अब एक बड़ा महत्वपूर्ण समय अगले जनवरी महीने में आएगा, जब वहाँ आम चुनाव होंगे.
आशंका
इसके बाद अमरीकी सैनिक इराक़ से हटना शुरू करेंगे. अभी लगभग एक लाख तीस हज़ार अमरीकी सैनिक इराक़ में तैनात हैं.
तय कार्यक्रम के अनुसार वर्ष 2011 तक अमरीकी सैनिक इराक़ से पूरी तरह बाहर निकल जाएँगे. फ़िलहाल शहरों से अमरीकी सैनिकों के पीछे हटने के बाद अमरीकियों और इराक़ियों, दोनों को आशंका है कि अल-क़ायदा और दूसरे गुट वहाँ शिया-सुन्नी समुदायों के झगड़ों को हवा देने की कोशिश करेंगे.
लेकिन कोई भी ये नहीं मानता कि इराक़ में हिंसा उस पैमाने पर होगी जिस पैमाने पर कुछ साल पहले तक हुआ करती थी.


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