दस नए राज्यों के गठन की मांग

केंद्र सरकार के सामने उठाई है। केंद्र सरकार को ऐसे 10 नए राज्यों के गठन के संबंधित आवेदन मिले हैं।
इन आवेदनों में बिहार से मिथिलांचल, गुजरात से सौराष्ट्र, उत्तर प्रदेश से बुंदेलखंड और आंध्र प्रदेश से तेलंगाना राज्य बनाने की मांग भी शामिल है। केंद्र ने फिलहाल इन आवेदनों को विचार के लिए स्वीकार कर लिया है। इनपर फैसला बाद में किया जायेगा।
गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश को विभाजित कर तेलंगाना के गठन की मांग काफी लंबे समय से चल रही है। इस राज्य की मांग तेलंगाना राष्ट्रीय समिति (टीआएस) ने की है। वहीं उत्तर बिहार के मैथिली भाषी बहुल इलाकों को मिलाकर मिथिलांचल या मिथिला राज्य के गठन की मांग की जा रही है।
गृह मंत्रालय को उत्तर प्रदेश के चित्रकूट, बांदा, झांसी व ललितपुर जिला और मध्य प्रदेश के सागर जिले को मिलाकर बुंदेलखंड राज्य के गठन के लिए आवेदन मिला है। सूत्रों के अनुसार, बुंदेलखंड की मांग गृह मंत्रालय में लंबे समय से प्रतीक्षा सूची में पड़ी है। हालांकि, राज्य सरकार ने इस संबंध में कोई आवेदन नहीं भेजा है।
गुजरात को विभाजित कर सौराष्ट्र की मांग भी पिछले सात साल से सरकार के पास लंबित पड़ी है। पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिला और जलपाईगुड़ी जिले के डुआर्स इलाके को मिलाकर गोरखालैंड राज्य के गठन की मांग भी की जा रही है। इसी प्रकार पश्चिम उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों को लेकर नये राज्य हरित प्रदेश या किसान प्रदेश बनाने की मांग की जा रही है। इस मांग को राष्ट्रीय लोक दल ने उठाया था है।
विदर्भ नामक नए राज्य की मांग महाराष्ट्र से आई है। वहीं कूर्ग नामक नए राज्य के गठन के लिए कर्नाटक से आवेदन दिया गया है। गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इन आवेदनों पर अब तक गृह मंत्रालय ने कोई फ़ैसला नहीं किया है। किसी भी नए राज्य के गठन के संबंध में विभिन्न पक्षों और स्थितियों का अध्ययन करने के बाद ही केंद्र सरकार ने किसी फ़ैसले पर पहुंचने का संकेत दिया है।


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