राजस्थान में काश्तकारों को 1400 करोड़ रुपए के सहकारी ऋण वितरित
यह गत वर्ष खरीफ में वितरित 1300 करोड़ रुपए के ऋण वितरण की तुलना में 100 करोड़ रुपए अधिक है, जबकि खरीफ के लिए अगस्त माह तक फसली ऋणों का वितरण जारी रहेगा। मीणा ने जयपुर दूरदर्शन पर सहकारिता के बढ़ते कार्यक्रम में यह जानकारी देते हुए बताया कि ग्राम सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से खरीफ, 09 में 2210 करोड़ 95 लाख रुपए के फसली सहकारी ऋण वितरण का कार्यक्रम बनाया गया है, जिसमें से कृषक मित्र योजना में 126 करोड़ 35 लाख रुपए के ऋण दिए जाएंगे।
सहकारिता मंत्री ने बताया कि अब सहकारी भूमि विकास बैंकों के माध्यम से महिला समृद्घि योजना में 50 हजार रुपए तक के ऋण ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार के लिए उपलब्ध कराए जा सकेंगे। युवाओं को स्वरोजगार के लिए 50 हजार रुपए तक की साख सीमा केन्द्रीय सहकारी बैंकों के माध्यम से दी जा रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना में ग्रामीण क्षेत्र में ग्रामीण गोदामों का निर्माण करवाया जा रहा है, ताकि काश्तकारों की सुविधा के लिए ग्राम सेवा सहकारी समिति या क्रय-विक्रय सहकारी समिति में खाद-बीज, जींस आदि की भण्डारण सुविधा प्राप्त हो सके।
सहकाािरता मंत्री ने बताया कि ग्राम सेवा सहकारी समिति को गांव की आर्थिक गतिविधियों का केन्द्र बनाने का निर्णय किया गया है और इसके लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है। उन्होंने बताया कि काश्तकारों की डीएपी की समस्या को देखते हुए ही इस बार बड़े स्तर पर डीएपी के अग्रिम भण्डारण की व्यवस्था की गई है। ढ़ाई लाख टन डीएपी आईपीएल और इफको से राजफैड का अनुबंध हो चुका है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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