झारखंड के डामर घोटाले में सीबीआई जांच का आदेश
न्यायमूर्ति एम.वाई.इकबाल और न्यायमूर्ति डी.के.सिन्हा की खंडपीठ ने एक जनहित याचिका (पीआईएल) की सुनवाई के बाद यह आदेश दिया। याचिका में आरोप लगाया गया है कि ठेकेदारों ने अभियंताओं के साथ मिल कर राज्य कोषागार को एक अरब रुपये से अधिक का चूना लगाया।
पीआईएल में आरोप लगाया गया है कि सड़क निर्माण में इस्तेमाल किए गए डामर की मात्रा और उसकी गुणवत्ता निर्धारित मानकों से निम्न दर्जे की रही।
वर्ष 2000 में झारखंड के गठन के बाद सड़कों के निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए। लेकिन बारिश के दिनों में उन सड़कों पर चल पाना मुश्किल हो जाता है।
कुछ मामलों में कोषागार से पैसे निकालने के लिए फर्जी बिल जमा किए गए। सतर्कता विभाग के सूत्रों के अनुसार मामले की जांच के दौरान 1,900 फर्जी बिल पाए गए थे।
अदालत ने सीबीआई से कहा है कि वह इस मामले की जांच रिपोर्ट तीन महीने के भीतर जमा करे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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