लिब्रहान आयोग की रिपोर्ट संसद में पेश करने की मांग
बीएमएसी के संयोजक जफरयाब जिलानी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "मैं सरकार से अपील करना चाहता हूं कि वह इस रिपोर्ट को संसद में पेश करे और तीन महीने के भीतर ठोस कदम उठाए।"
रिपोर्ट पेश होने में हुई देरी के लिए उन्होंने कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, "आयोग के गठन के बाद कांग्रेस और भाजपा दोनों दल सत्ता में रहे। मुझे जानकारी मिली है कि आयोग ने 2006 में ही अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली थी लेकिन कांग्रेस ने इसमें जानबूझ कर देरी की क्योंकि उसे यह डर सता रहा था कि कहीं लोकसभा चुनाव में उसे यह रिपोर्ट भारी न पड़ जाए।"
उधर इमाम बुखारी ने कहा कि रिपोर्ट पेश होने में हुई देरी उस कहावत को चरितार्थ करने वाली है कि देरी से मिला न्याय, न्याय न मिलने के बराबर है।
उन्होंने कहा कि आयोग की रिपोर्ट पूरी तरह देखने के बाद ही पता चल पाएगा कि आयोग ने वास्तविक दोषियों को दोषी ठहराया है या नहीं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*


Click it and Unblock the Notifications