लिब्राहन आयोग की रिपोर्ट पर फैसला केंद्र सरकार करेगी : कांग्रेस
कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "इसमें कौन सी बात छुपी हुई है। राम रथ यात्रा के जरिए एक षडयंत्र रचा गया था। लोगों को उकसाया गया था। चाहे वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी हों चाहे मुरली मनोहर जोशी हों या फिर उमा भारती।"
उन्होंने कहा, "लिब्राहन आयोग ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। बाकी की कार्रवाई केंद्र को करना है।"
इस रिपोर्ट के पेश होने में 17 वर्ष लगने के बारे में पूछे जाने पर सिंह ने कहा, "पेचीदा मामला था। इसमें क्या कहा जा सकता है।"
न्यायमूर्ति लिब्राहन की अध्यक्षता में गठित इस आयोग ने गठन के 17 वर्ष बाद गृह मंत्री पी. चिदम्बरम की उपस्थिति में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को मंगलवार को रिपोर्ट सौंपी।
छह दिसम्बर 1992 को हुए बाबरी मस्जिद विध्वंस के 10 दिनों के भीतर इस आयोग का गठन किया गया था। 16 मार्च 1993 को आयोग को रिपोर्ट सौंपनी थी। गठन के बाद से अब तक इस आयोग का कार्यकाल 48 बार बढ़ाया गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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