अब मैं राहत महसूस कर रहा हूं : न्यायमूर्ति लिब्राहन
एक समाचार चैनल से बातचीत में लिब्राहन ने कहा, "मेरे ऊपर किसी का कोई दबाव नहीं था। हम अब स्वतंत्र और राहत महसूस कर रहे हैं।"
यह पूछे जाने पर कि आपके द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट का राजनीतिक इस्तेमाल होने का आपको भय नहीं था तो इसके जवाब में लिब्राहन ने कहा, "मुझे किसी बात का भय नहीं था। देश की जनता को यह सब तय करना है।"
न्यायमूर्ति लिब्रहान की अध्यक्षता में गठित इस आयोग ने अपने गठन के 17 वर्ष बाद गृह मंत्री पी. चिदम्बरम की उपस्थिति में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को मंगलवार को अपनी रिपोर्ट सौंपी।
छह दिसम्बर 1992 को हुए बाबरी मस्जिद विध्वंस के 10 दिनों के भीतर इस आयोग का गठन किया गया था। 16 मार्च 1993 को आयोग को रिपोर्ट सौंपनी थी। गठन के बाद से अब तक इस आयोग का कार्यकाल 48 बार बढ़ाया गया।
आयोग ने अपनी रिपोर्ट में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह तथा इस समय भारतीय जनशक्ति पार्टी की अध्यक्ष उमा भारती के बयान भी शामिल किए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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