भारतीय माओवादियों ने प्रचंड पर लगाया क्रांति से धोखा करने का आरोप
काठमांडू, 29 जून (आईएएनएस)। करीब एक सप्ताह पहले सरकार द्वारा प्रतिबंधित किए गए और कई राज्यों में सैन्य कार्रवाई का सामना कर रहे भारतीय माओवादियों ने कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (माओवादी) के प्रमुख व पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहाल प्रचंड की आलोचना करते हुए कहा है कि उन्होंने क्रांति के कारणों के साथ धोखा किया है।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) ने करीब एक माह पहले प्रचंड को भेजे पत्र को सार्वजनिक कर दिया। इससे संकेत मिलता है कि दोनों देशों की माओवादी पार्टियों के बीच हमेशा से संबंध रहा है।
दोनों के बीच पिछले साल नेपाल में प्रचंड के सत्ता संभालने को लेकर दूरी बढ़ गई। भारतीय माओवादियों ने नेपाल में 'संघर्ष' खत्म करने और शांति समझौता करने के लिए प्रचंड की आलोचना करते हुए इसे "शिकारी कुत्ते के साथ शिकार करना और खरगोश के साथ दौड़ना" करार दिया था।
पत्र में कहा गया है, "बहुदलीय लोकतंत्र के नाम पर हथियार जमा करना और पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) को संघर्ष छोड़कर संयुक्त राष्ट्र की निगरानी वाले बैरकों में भेजना एक गलती थी।"
इसमें कहा गया है, "आज, नेपाल की स्थिति अजीबोगरीब है। पुरानी रॉयल नेपाल आर्मी नेपाल की वर्तमान संरचना में आज भी एक बांध की तरह है जबकि पीएलए निष्क्रिय दर्शक है। अगर सेना सम्राज्यवादी ताकतों भारत और अमेरिका के सहयोग से तख्तापलट कर देती है तो माओवादी क्या करेंगे। ऐसे में माओवादी अपने आप को कैसे बचाएंगे जब पीएलए हथियार विहीन और बिखर गई हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications