• search

सरबजीत को मिला नया वकील

|
Sarabjit Singh

वर्षों से पाकिस्तानी जेल में क़ैद भारतीय सरबजीत सिंह को नया वकील मिल गया है. सुप्रीम कोर्ट फाँसी की सज़ा के ख़िलाफ़ उनकी अपील ख़ारिज कर चुका है. ग़ौरतलब है कि पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने हाल में उनकी उस अपील को ख़ारिज कर दिया था जिसमें उन्हें सुनाई गई फाँसी की सज़ा को चुनौती दी गई थी.

सरबजीत सिंह को वर्ष 1990 में पाकिस्तान में हुए चार बम धमाकों के मामलों में दोषी पाया गया था और उन्हें वर्ष 1991 में फाँसी की सज़ा सुनाई गई थी. ग़ौरतलब है कि उनका मुकदम लड़ रहे वकील राणा अब्दुल हमीद को पिछले साल पाकिस्तान में पंजाब प्रांत का एडिशनल एडवोकेट जनरल नियुक्त किया गया था. इसके बाद वे इस मामले में पिछली कई सुनवाइयों के दौरान अदालत में हाज़िर नहीं हो पाए.

समाचार एजेंसियों के अनुसार सरबजीत के नए वकील ओवैस शेख़ ने कहा, "मैं एक रिव्यू याचिका दायर कर रहा हूँ ताकि सुप्रीम कोर्ट के सामने आई सरबजीत की अर्ज़ी पर दोबारा विचार हो सके. यह एक विकल्प है. यदि ये ख़ारिज हो जाती है तो फिर पाकिस्तान के राष्ट्रपति के सामने अपील करने का ही रास्ता बचेगा." उनका कहना था कि यदि सरबजीत को माफ़ कर दिया जाता है तो दोनों देशों के बीच बेहतर महौल बनेगा.

परिवार का दबाव

 मैं एक रिव्यू याचिका दायर कर रहा हूँ ताकि सुप्रीम कोर्ट के सामने आई सरबजीत की अर्ज़ी पर दोबारा विचार हो सके. यह एक विकल्प है. यदि ये ख़ारिज हो जाती है तो फिर पाकिस्तान के राष्ट्रपति के सामने अपील करने का ही रास्ता बचेगा   सरबजीत के नए वकील

 मैं एक रिव्यू याचिका दायर कर रहा हूँ ताकि सुप्रीम कोर्ट के सामने आई सरबजीत की अर्ज़ी पर दोबारा विचार हो सके. यह एक विकल्प है. यदि ये ख़ारिज हो जाती है तो फिर पाकिस्तान के राष्ट्रपति के सामने अपील करने का ही रास्ता बचेगा

भारत के पंजाब प्रांत में बसे हुए सरबजीत के परिवार ने शुक्रवार को केंद्र सरकार से अपील की थी कि वे पाकिस्तान की सरकार से सरबजीत की रिहाई की बात करे.

शनिवार को पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने भी एक पत्र के ज़रिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से अनुरोध किया कि सरबजीत का मामला भारत सरकार पाकिस्तान के साथ उठाए.

वर्ष 2003 में सरबजीत की अपील पर लाहौर हाई कोर्ट ने उन्हें दी गई फाँसी की सज़ा को सही ठहराया था. इसके बाद पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने भी वर्ष 2005 में इस फ़ैसले पर अपनी मुहर लगा दी थी. पिछले साल तब पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने भी उनकी राहत दी जाने की अर्ज़ी को ठुकरा दिया था.

सरबजीत के परिवार के सदस्यों और कुछ ग़ैर-सरकारी संगठनों के दबाव के बाद भारत सरकार पर इस मामले में हस्तक्षेप करने का दबाव बढ़ा था और दोनों देशों के बीच ये मामला उठा था. पिछले साल सरबजीत को फाँसी दिए जाने के मामले को पहले एक महीने के लिए और फिर अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया था.

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
For Daily Alerts

Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more