उद्योग जगत की इस्पात पर सीमा शुल्क बढ़ाने की मांग
फिक्की ने कहा कि इस्पात खपत में विदेशी इस्पात का हिस्सा 11 प्रतिशत है,जबकि कुछ वर्ष पहले यह छह प्रतिशत था।
भारत में पिछले चार वर्षो के दौरान इस्पात और अन्य संबद्ध उत्पादों का आयात करीब दोगुना हो गया है। फिक्की के बयान के अनुसार वर्ष 2005-06 में 43 लाख टन इस्पात और उत्पादों का आयात हुआ था, जो 2008-09 में बढ़कर 100 लाख टन हो गया।
बयान में कहा गया कि चीन ने निर्यात बढ़ाने के लिए कर लाभ दिया जिससे उसका निर्यात नौ प्रतिशत बढ़ा। इससे भारतीय इस्पात उद्योग चिंतित है,क्योंकि भारत में इस्पात का सबसे बड़ा निर्यातक चीन है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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