राष्ट्रपति ने न्यायपालिका को पारदर्शी बनाने का आव्हान किया
मुंबई के बाहर बसे उत्तान में महाराष्ट्र न्यायिक अकादमी (एमजेए) का उद्घाटन करते हुए राष्ट्रपति ने शनिवार को यह उदगार व्यक्त किए। उन्होंने कहा, "न्यायपािलका के संस्थागत पहलूओं को मजबूत करने के लिए कई मौजूदा और पुराने हो चुके कानूनों में संशोधन की भी आवश्यकता है।"
उन्होंने कहा कि न्यायपालिका को जनोन्मुखी बनाने के लिए सरकार, विधायिका और न्यायपालिका को मिलकर संयुक्त रूप से काम करना होगी।
उन्होंने कहा, "लोग संस्थाओं के कार्यो व उसके फैसलों पर लगातार निगरानी रखे हुए हैं। न्यायपालिका पर उन्हें बहुत भरोसा है और वे इसका बहुत सम्मान करते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि न्यायपालिका भी लोगों की उम्मीदों पर खरी उतरे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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