इंद्र को लुभाने के लिए मेढ़कों की शादी

दरभंगा के बहादुर प्रखंड के दोखली गांव में गुरुवार रात धूमधाम से मेढ़कों का विवाह आयोजित किया गया। इस विवाह समारोह में गांव की करीब 200 महिलाओं ने भाग लिया। इस समारोह में महिलाओं ने शादी के गीत गाए और मेढ़कों को कपड़े पहनाए। इसके साथ ही सिंदूर दान किया गया तथा मेढ़की की विदाई की गई।
मिथिलांचल के लोगों का मानना है कि ऐसा करने से इंद्र देवता खुश होंगे तथा बारिश करेंगे। दोखली गांव की 65 वर्षीय महिला कौशल्या देवी ने बताया, "ऐसा नहीं कि केवल मेढ़कों की शादी ही कराई जाती है। शादी के पूर्व वाली रात को महिलाएं जता-जतिन का खेल खेलती हैं। इसमें अंताक्षरी की तरह महिलाएं दो गुटों में बंटकर इंद्र भगवान को खुश करने के लिए गीत गाती हैं। यह खेल मध्य रात्रि तक चलता है।"
उधर, मेढ़कों का विवाह संपन्न कराने वाले पंडित कमलेश्वर झा ने बताया कि पुरानी परंपरा का निर्वाह आज तक किया जा रहा है। मेढ़कों की शादी हो जाने के बाद विदाई के नाम पर इन्हें तालाब में डाल दिया जाता है।


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