पाकिस्तान को मिलेगी तीन गुना मदद

अमरीकी सीनेट ने पाकिस्तान को असैनिक कार्यों के लिए दी जाने वाली सहायता तीन गुना करने संबधित बिल को मंज़ूरी दे दी है. केरी-लुगर बिल सर्वसम्मति से पारित किया गया. सीनेटर रिचर्ड लुगर ने कहा कि पाकिस्तान के साथ आर्थिक और राजनीतिक सहयोग में ये एक अहम कदम है.
सीनेट विदेशी संबध मामलों की समिति के प्रमुख जॉन केरी ने कहा कि पाकिस्तान नाज़ुक दौर से गुज़र रहा है.
जॉन केरी और रिचर्ड लुगर ने मिलकर इस बिल को लिखा है. इस बिल का समर्थन करने वालों का कहना है कि इससे उन पाकिस्तानियों को भरोसा दिलाने में मदद मिलेगी जो अमरीका की मदद और उसके मकसदों को शक की निगाह से देखते हैं.
सैन्य मदद
सीनेट ने पाकिस्तान के प्रति प्रतिबद्धता दिखाई है कि आपसी अविश्वास का माहौल दूर हो और रिश्तों में पारदर्शिता आए जॉन केरी
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इन लोगों का कहना है कि बिल के ज़रिए ये जताया जा सकेगा कि इस्लामिक कट्टरवाद के खिलाफ़ लड़ाई में अमरीका पाकिस्तान के साथ है और वो उसका हित चाहता है.
जॉन केरी ने कहा, "सीनेट ने पाकिस्तान के प्रति प्रतिबद्धता दिखाई है कि आपसी अविश्वास का माहौल दूर हो और रिश्तों में पारदर्शिता आए."
बिल में सैनिक और असैनिक मकसदों के लिए मदद को अलग-अलग रखा गया है. असैनिक मकसदों में शिक्षा, लोकतांत्रिक प्रशासन और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना शामिल है.
पाकिस्तान को आपत्ति
सैन्य मदद के लिए हर साल अमरीका अलग से मंज़ूरी देता है. सैन्य मदद के साथ ये शर्त जुड़ी हुई है कि पाकिस्तानी सुरक्षा बल अल क़ायदा और अन्य गुटों से निपटने में हर मुमकिन कदम उठा रहे हैं.
साथ ही तालेबान को पाकिस्तानी ज़मीन का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों के लिए करने से रोकना होगा. हालांकि इसमें पाकिस्तानी में राजनीतिक या न्यायिक मामलों में हस्तक्षेप की बात नहीं है.
टीकाकारों के मुताबिक बिल से संकेत मिलते हैं कि ओबामा प्रशासन अफ़ग़ानिस्तान को अपना मुख्य केंद्र बिंदु बनाना चाहता है. अमरीकी प्रतिनिधि सभा ने मध्य जून में इस बिल का अपना संसकरण पारित कर दिया था. उसमें लिखा गया था कि पाकिस्तानी ज़मीन से भारत के ख़िलाफ़ आंतकवादी गतिविधियाँ न हों. लेकिन बाद में इसे हटा लिया गया.


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