इंफोसिस से विदा लेंगे नंदन नीलकेणि

नागरिकों के डेटाबेस और स्मार्ट कार्ड के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्टर पर करीब छह अरब डालर का खर्च होगा। मनमोहन सिंह ने उनको इस प्रोजेक्ट का हेड बनाने का आमंत्रण दिया है। इसे स्वीकार करने के साथ ही नंदन को इंफोसिस के को-चेयरमैन और बोर्ड आफ डायरेक्टर्स की मेंबरशिप से इस्तीफा देना होगा। नीलकेणि को कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिलेगा।
यहां बता दें कि नंदन इंफोसिस के संस्थापक सदस्यों में एक हैं। 1981 में नीलकेणि ने नारायणमूर्ति समेत 7 लोगों के साथ मिलकर इंफोसिस की स्थापना की थी। सरकारी जिम्मेदारी संभालने के साथ ही कंपनी बोर्ड में उनकी सदस्यता खत्म हो जाएगी। यानी कि सरकारी पद पर रहते हुए वे कंपनी बोर्ड में बने नहीं रह सकते।
उम्मीद जताई जा रही है कि सरकार का नेशनल आईडी प्रोजेक्ट आईटी सेक्टर की घरेलू मांग को बढ़ावा देगा।


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