पुलिस-प्रदर्शनकारियों की बीच फिर झड़पें

पुलिस और प्रदर्शनकारियों की बीच फिर झड़पें

रिपोर्टों के मुताबिक ईरान में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पे हुई हैं. पुलिस इन लोगों को विवादित चुनाव नतीजों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करने से रोक रही थी.

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक तेहरान में संसद भवन के पास प्रदर्शन हुए हैं. ईरान में रिपोर्टिंग करने पर कई तरह की पाबंदियाँ लगी हुई हैं जिस कारण ख़बरों की स्वतंत्र तरीके से पुष्टि नहीं हो सकती.

ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्ला अली ख़मेनेई ने कहा था कि चुनाव नतीजों के मसले पर वे नहीं झुकेंगे. इस बयान के कुछ घंटे बाद ही नए सिरे से प्रदर्शन शुरु हुए.

अयातुल्ला अली ख़मेनेई ने बार-बार कहा कि नतीजें नहीं बदलेंगे. ईरान में पिछले कई दिनों से नतीजों को लेकर प्रदर्शन चल रहे हैं जिसमें कम से कम 17 लोगों के मारे जाने की ख़बर है.

अयातुल्ला अली ख़मेनेई कई बार कह चुके हैं कि प्रदर्शन बंद हों लेकिन उनकी बातों का ख़ास असर नहीं हुआ है.

प्रत्यक्षदर्शियों ने एपी को बताया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को डंडो से पीटा, उन पर आँसू गैस छोड़ी और हवा में गोली चलाई.

प्रदर्शन

चुनाव के बाद से जिन लोगों को हिरासत में लिया गया है उन्हें छोड़ा जाए इसमें मेरे पति के अख़बार में काम करने वाले 25 कर्मचारी भी शामिल है. ये मेरा फ़र्ज़ है कि मैं क़ानूनी लड़ाई जारी रखूँ मीर हुसैन मुसावी की पत्नी

चुनाव के बाद से जिन लोगों को हिरासत में लिया गया है उन्हें छोड़ा जाए इसमें मेरे पति के अख़बार में काम करने वाले 25 कर्मचारी भी शामिल है. ये मेरा फ़र्ज़ है कि मैं क़ानूनी लड़ाई जारी रखूँ

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कुछ लोग पुलिस से जा भिड़े तो कुछ दूसरे इलाक़े में भाग गए.

जबकि एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने रॉयटर्स से बातचीत में कहा कि आँसू गैस छोड़ने के बाद भीड़ तितर-बितर हो गई लेकिन कितने लोग हताहत हुए ये कहना मुश्किल है.

प्रदर्शनकारियों के मुख्य नेता और पूर्व प्रधानमंत्री मीर हुसैन मुसावी को सार्वजनिक तौर पर कई दिनों से नहीं देखा गया है लेकिन उनकी वेबसाइट पर उनकी पत्नी ज़हरा के हवाले से लिखा गया है कि प्रदर्शन जारी रहेंगे.

वेबसाइट पर उनकी पत्नी ने लिखा है, "चुनाव के बाद से जिन लोगों को हिरासत में लिया गया है उन्हें छोड़ा जाए इसमें मेरे पति के अख़बार में काम करने वाले 25 कर्मचारी भी शामिल है. ये मेरा फ़र्ज़ है कि मैं क़ानूनी लड़ाई जारी रखूँ."

कूटनीतिक विवाद

12 जून को ईरान में हुए राष्ट्रपति चुनाव में महमूद अहमदीनेजाद को विजेता घोषित किया गया था लेकिन मुसावी का आरोप है कि चुनाव में धाँधली हुई है.

अयातुल्ला अली ख़मेनेई पहले इस बात पर सहमत हो गए थे कि धाँधली की शिकायतों की जाँच करने के लिए समयसीमा पाँच दिन तक बढ़ा दी जाए.

लेकिन ईरान के सरकारी टीवी ने बुधवार को कहा है कि दोबारा मतगणना के आंशिक नतीजों से पता चलता है कि पहले के नतीजे सही हैं.

ईरान ने कई देशों पर आरोप लगाया है कि वो प्रदर्शनकारियों को बढ़ावा दे रहे हैं. ईरान ने कहा है कि वो ब्रिटेन के साथ संबंधों पर विचार कर रहा है और उसने दो कूटनयिकों को निकाल भी दिया है. ब्रिटेन ने भी कहा है कि दो ईरानी कूटनयिकों को भी वहाँ से वापस भेजा जा रहा है.

वहीं अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ईरान के राष्ट्रपति चुनावों में महमूद अहमदीनेजाद की जीत का विरोध करने वाले लोगों को 'अन्यायपूर्ण' तरीके से दबाने की कड़ी आलोचना की है.

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