इंद्र देव को मनाने के लिए शुरू हुआ टोटकों का दौर

इलाहाबाद के खरकहुनी गांव की महिलाओं ने बुधवार को मेघों को रिझ्झाने के लिए खेतों में हल चलाने की रस्म अदा की। लोक गीतों के बीच महिलाओं ने अपने कंधे पर हल और माची रखकर खेत की जुताई की।

ग्रामीण रामदेई ने आईएएनएस से कहा, "ऐसी मान्यता है कि महिलाओं के हल चलाने से इंद्र देव प्रसन्न होकर बारिश करते हैं। रामायण काल में राजा जनक की पत्नी ने मेघों के राजा को खुश करने के लिए हल चलाया था जिसके बाद घनघोर बारिश हुई।"

गर्मी की मार झेल रहे वाराणसी के लोगों ने बारिश के लिए गंगा के अलग-अलग घाटों पर हिंदू रीति-रिवाज से मेढ़कों की शादी रचाने का स्वांग किया। काशी के दशाश्वमेध घाट पर मेढ़कों की शादी कराने वाले पंडित देवराज शर्मा ने कहा, "हमारी ऐसी मान्यता है कि अगर हिंदू रीति-रिवाज से मेढ़कों की शादी कराई जाए तो इंद्र देव प्रसन्न होते हैं और बारिश करते हैं।"

मेघों को लुभाने के लिए कानपुर में लोगों ने कुत्तों की शादी रचाकर उनकी बारात निकाली। शहर के किदवई नगर इलाके में लोगों ने बकायदा कुत्तों की शादी कराई और फिर रिक्शे में उनकी बारात निकाली। स्थानीय गोपाल अग्रवाल कहते हैं कि मान्यता के अनुसार कुत्तों की शादी कराने से मेघों के राजा खुश होकर बरसात करते हैं। गोरखपुर के बिछिया और पुटावां गांवों में बारिश के लिए बच्चों ने धूल की होली खेली।

उधर, प्रदेश में मानसून के दस्तक देने में एक सप्ताह का समय और लग सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक विलंब से यानी अब प्रदेश में 30 जून के आसपास मानसून आने के आसार हैं। इससे पहले विभाग ने 26 जून तक मानसून के दस्तक देने की भविष्यवाणी की थी।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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