मध्य प्रदेश में पानी में जहर मिलाकर दो तेंदुओं का शिकार (लीड-1)

मिली जानकारी के मुताबिक कटनी के जंगलों में पानी का पर्याप्त इंतजाम नहीं है और वन्य प्राणियों को पानी की खातिर भटकना पड़ता है। जिले के ढीमरखेडा वन परिक्षेत्र के जंगल में एक पोखर वन्य प्राणियों की प्यास बुझाने में मदद करती है। गुरूवार की सुबह इसी पोखर के पास दो तेंदुओं के अलावा सांप, बंदर, कबरबिज्जू सहित कुल पांच वन्य प्राणियों के मृत पड़े होने की खबर मिली।

तेंदुओं के शिकार की खबर मिलने पर मौके पर पहुंचे वन विभाग के अमले ने पाया कि मादा तेंदुए और शवक के शवों के अलावा सांप लंगूर आदि भी मरे पड़े है। कटनी के वन मंडलाधिकारी ए़ क़े बरौनिया ने आईएएनएस को बताया है कि मकरंदा के जंगल में जो पोखर है उसमें कुछ घंटों में पानी भर आता है। जिसका उपयोग वन्य प्राणी करते है। आशंका है कि मादा तेंदुए और शावक के अलावा अन्य जानवर ने भी इस पोखर का पानी पिया होगा और उसी के चलते मौत हुई है। अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आई है इसलिए यह कहना संभव नहीं है कि पोखर के पानी में जहर मिलाया गया होगा।

बरौनिया ने कहा है कि इन जानवरों की मौत कैसे हुई है इसकी वन विभाग जांच कर रहा है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही सही वजह का खुलासा हो पाएगा। वे शिकारियों द्वारा पानी में जहर मिलाकर वन्य प्राणियों के शिकार के सवाल पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।

गौरतलब है कि कटनी जिले के ही बरही वन परिक्षेत्र में कुछ दिन पहले भी एक तेंदुए का पानी में जहर मिलाकर शिकार किया गया था। एक बार फिर ऐसी ही घटना होने से एक बात सामने आ गई है कि शिकारी अब पानी के सहारे वन्य प्राणियों का शिकार कर रहे है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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