भारत के साथ मुद्दों को सुलझाने में अमेरिकी भूमिका चाहता है पाक
पाकिस्तान दौरे पर आए अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेम्स जोंस से मुलाकात के दौरान गिलानी ने कहा कि प्रमुख मुद्दों को सुलझाने से दक्षिण एशिया में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए पश्चिमी सीमा पर कट्टरवादियों और आतंकवादियों के खिलाफ ध्यान केंद्रित करने में सहायता मिलेगी।
जेम्स जोंस ने कहा कि मुंबई पर आतंकवादी हमले के बाद से स्थगित भारत-पाकिस्तान समग्र वार्ता को बहाल करने के लिए अमेरिका हर संभव मदद करेगा।
पाकिस्तान के आतंकवाद विरोधी कड़े कदमों का उल्लेख करते हुए गिलानी ने शैतानी ताकतों के खिलाफ विजय और विस्थापित लोगों की सहायता के लिए विश्व समुदाय के अपर्याप्त कदमों पर निराशा जताई।
गिलानी ने वर्तमान आर्थिक संकट से उबरने और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के प्रमुख राष्ट्र के नाते होने वाले आर्थिक नुकसान को पूरा करने में मदद के लिए पाकिस्तान के कर्जो को माफ करने का फिर आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि पश्चिमोत्तर सीमांत प्रांत के मलकंद डिविजन में सेना का अभियान समाप्त होने वाला है और इसके बाद कानून लागू करने वाली संस्थाओं की क्षमता बढ़ाई जाएगी।
गिलानी ने कहा कि एक बार सैन्य कार्रवाई का अंत होने के बाद एजेंसियां वहां का नियंत्रण संभालेंगी।
गिलानी ने अमेरिका और नाटो सेनाओं की संख्या में ताजा वृद्धि के बाद अफगानिस्तान से शरणार्थियों की नई बाढ़ पर भी चिंता जताई।
उन्होंने आतंकवादियों को कबायलियों से अलग करने की पाकिस्तानी रणनीति की सफलता के लिए अमेरिका से चालक रहित विमानों 'ड्रोन' के हमले बंद करने को कहा।
जोंस ने गिलानी ने रुख से सहमति जताई और आश्वासन दिया कि पाकिस्तान की मदद के लिए अमेरिकी सरकार हर संभव उपाय करेगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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