पानी, बिजली को लेकर घबराने की जरूरत नहीं : भाखड़ा प्राधिकरण
भाखड़ा बांध में पानी की कमी और मानसून में देरी के कारण बांध को बंद करने की खबरों की पृष्ठभूमि में स्थिति पर चर्चा के लिए एक बैठक आयोजित की गई थी।
पानी की कमी के कारण भागड़ा, पोंग और देहार बिजली घरों में हाल के हफ्तों में विद्युत उत्पादन में गिरावट आई है।
भाखड़ा बेस प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी)के अधिकारियों ने गुरुवार को कहा स्थिति नियंत्रण में है और घबराने की आवश्यकता नहीं है।
पंजाब,हरियाणा,राजस्थान,हिमाचल प्रदेश और दिल्ली के वरिष्ठ अधिकारियों ने बीबीएमबी मुख्यालय में बैठक में हिस्सा लिया और पानी तथा बिजली की स्थिति पर चर्चा की।
बीबीएमबी के सयुंक्त निदेशक (प्रवक्ता) वी.पी.शर्मा ने आईएएनएस को बताया,"यह कोई नई स्थिति नहीं है, जिसका सामना बीबीएमसी कर रहा है। अनियमित मानसून के कारण यह काफी सामान्य बात है। पहले भी कई बार हम ऐसी स्थिति का सामना कर चुके हैं। इस बार मीडिया ने मामले को तुलनात्मक रूप से काफी अधिक बढ़ा दिया है।"
उन्होंने कहा कि सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने की अपनी मूल जिम्मेदारी को बीबीएमसी पूरा कर रहा है। बिजली इसका सह उत्पाद है। बीबीएमसी 15 से 16 पैसा प्रति यूनिट की लागत पर प्रतिवर्ष 100,000 से 140,000 लाख यूनिट बिजली उत्पादन करता है।
उन्होंने कहा कि बिजली उत्पादन में कोई कमी नहीं आई है। बुधवार को 352 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन किया गया जबकि प्रतिदिन औसतन बिजली उत्पादन 350 लाख यूनिट है।
शर्मा ने कहा कि कृषि और अन्य जरूरतों के लिए प्रतिदिन 20,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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