स्कूलों की अधिमान्यता के लिए स्वतंत्र पैनल के गठन पर विचार
सिब्बल ने गुरुवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "वर्तमान समय में स्कूलों की प्रामाणिकता तय करने की कोई नीति नहीं है। यदि कोई बच्चा स्कूल जाता है तो उसे यह जानकारी नहीं होती कि वह स्कूल कैसा है। देश में कोई ऐसी एजेंसी भी नहीं है जो स्कूलों की रेटिंग तय करती हो।"
उन्होंने कहा, "हम इस सिलसिले में एक स्वतंत्र प्रमाणन प्राधिकरण स्थापित किए जाने की संभावनाएं तलाशेंगे।" उन्होंने कहा कि इस दिशा में 100 दिनों के भीतर कदम उठाया जाएगा और इसमें सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा।
सिब्बल ने उम्मीद जताई कि अच्छे स्कूल खुद ब खुद मान्यता हासिल करने के लिए आएंगे। यदि कोई स्कूल ऐसा नहीं करता है तो हम जानने का प्रयास करेंगे कि आखिर वे मान्यता हासिल करने के लिए क्यों आगे नहीं आ रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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