नीलेकणी ने इन्फोसिस से इस्तीफा दिया (लीड-1)
योजना आयोग के अधीन काम करने वाली इस संस्था (यूआईडीएआई) का गठन नागरिकों को पहचान पत्र मुहैया कराने के लिए किया गया है।
कंपनी की ओर से यहां एक बयान में कहा गया है, "निदेशक मंडल ने नीलेकणी का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। उनका इस्तीफा नौ जुलाई से प्रभावी होगा। निदेशक मंडल ने नीलेकणी द्वारा एक सह संस्थापक, मुख्य संचालन अधिकारी, मुख्य कार्यकारी व प्रबंध निदेशक तथा सह अध्यक्ष के रूप में कंपनी को दी गई सेवाओं की सराहना की।"
नीलेकणी को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की ओर से यूआईडीएआई के अध्यक्ष का पद संभालने के लिए निमंत्रण प्राप्त हुआ था। उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा हासिल होगा।
इन्फोसिस के चेयरमैन और मुख्य सलाहकार एन.आर.नारायण मूर्ति ने कहा, "हमें इस बात की खुशी है कि नंदन जैसे एक असाधारण व्यक्ति को इस पद के जरिए देश के लिए कुछ करने का अवसर प्राप्त हुआ है।"
उन्होंने कहा, "एक कंपनी के रूप में इन्फोसिस ने हमेशा समाज के हितों का ख्याल रखा है। लिहाजा कंपनी जनहित के प्रति अपनी जिम्मेदारी के बोध के साथ नंदन की अनुपस्थिति को स्वीकार करेगी, लेकिन इस दुख के साथ भी कि कंपनी का एक अति प्रतिभावान व्यक्ति हमारे बीच से जा रहा है। हम उनकी नई जिम्मेदारी के प्रति अपनी शुभकामनाएं देते हैं।"
इन्फोसिस के मुख्य कार्यकारी और प्रबंध निदेशक एस.गोपालकृष्णन ने कहा, "यह एक राष्ट्रीय महत्व की परियोजना है। यह कुछ ऐसा काम है, जिसे नीलेकणी अपने हाथ में लेना पसंद करेंगे।"
4.66 अरब डॉलर की इस कंपनी (इन्फोसिस टेक्नोलॉजीज) के सह संस्थापक नीलेकणी ने वर्ष 1981 में कंपनी को इसकी शुरुआत के साथ एक निदेशक के रूप में अपनी सेवाएं दी।
उन्होंने मार्च 2002 से जून 2007 तक कंपनी के मुख्य कार्यकारी और प्रबंध निदेशक के तौर पर काम किया और फिर उन्हें कंपनी बोर्ड का सह अध्यक्ष नियुक्त किया गया।
यह प्राधिकरण (यूआईडी) योजना आयोग के अधीन है। इस कार्यक्रम के तहत नागरिकों को अनुपम पहचान पत्र वर्ष 2011 मुहैया कराए जाएंगे। शुरू में यह पहचान पत्र मतदाता सूची के आधार पर सभी मतदाताओं को प्रदान किया जाएगा।
सरकार की ओर से एक बयान में कहा गया है, "यह प्राधिकरण भारतीय नागरिकता कानून के अनु़सार मतगणना के रजिस्ट्रार जनरल के जरिए गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर के साथ तालमेल बिठा कर काम करेगा।"
बयान में कहा गया है, "यह न केवल सुरक्षा संबंधी मुद्दों से निपटेगा, बल्कि इसका लक्ष्य नागरिकता बोध विकसित करना, पहचान संबंधी धोखाधड़ी को कम करना और विभिन्न सरकारी योजनाओं में अपव्यय को रोकना भी है।"
योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कहा, "यह एक श्रेष्ठतर कार्ड होगा। यह वाकई में हम सबकी मदद करेगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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