छत्तीसगढ़ में मानसून में देरी से धान के उत्पाद पर असर
पिछले साल राज्य में करीब 5.7 करोड़ टन धान की पैदावार हुई थी, जबकि इस बार मानसून में हो रही देरी से उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ने की संभावना है।
कृषि वैज्ञानिक पंकज अवधिया ने आईएएनएस को बताया," राज्य में मानसून में हो रही देरी और भीषण गर्मी एवं लू की वजह से धान की फसल पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।"
उन्होंने बताया कि अगर एक दो हफ्ते के दौरान मानसून ने दस्तक नहीं दी तो राज्य में धान उत्पादन के अनुमानित आंकड़े में करीब 25 फीसदी तक गिरावट हो सकती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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