छात्रों को सुरक्षा का भरोसा दिलाने भारत जाएगा आस्ट्रेलियाई प्रतिनिधिमंडल
कैनबरा, 25 जून (आईएएनएस)। भारतीय छात्रों की सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं पर चर्चा के लिए आस्ट्रेलियाई सरकार ने एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल को अगले सप्ताह भारत भेजने का फैसला किया है। इसमें विभिन्न विश्वविद्यालयों के उपकुलपति और पुलिस के आला अधिकारी शामिल होंगे।
इससे पहले आस्ट्रेलिया की शिक्षा एवं रोजगार मंत्री लीजा पॉल ने भारत का दौरा किया था। उन्होंने भारत के प्रवासी भारतीय मामलों के मंत्री व्यालार रवि से मुलाकात की थी।
भारत पहुंचने वाले इस प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई आस्ट्रेलिया कि शिक्षा विभाग में अंतर्राष्ट्रीय समूह के प्रमुख कोलिन वाल्टर्स करेंगे।
हाल ही में शिक्षा पर गठित एक कार्य बल के प्रमुख ग्राहम कुक ने आईएएनएस से विशेष बातचीत में कहा, "हम छात्रों की निजी सुरक्षा पर ध्यान देने का प्रयास कर रहे हैं। इसके साथ ही शैक्षणिक प्रदाताओं पर भी गौर किया जा रहा है कि वे छात्रों की सुरक्षा चिंताओं पर कितना ध्यान दे रहे हैं।"
आस्ट्रेलिया का शिक्षा उद्योग हाल के वर्षो में निर्यात राजस्व के लिहाज से तीसरा सबसे बड़ा क्षेत्र बनकर उभरा है। वर्ष 2008 में इस क्षेत्र से 12 अरब डॉलर का राजस्व एकत्र हुआ।
यहां भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों का कहना है कि लगभग 100,000 भारतीय छात्रों ने आस्ट्रेलिया की अर्थव्यस्था में प्रतिवर्ष 3.5 अरब डॉलर का योगदान दिया है।
कुक ने कहा, "जहां भारतीय छात्र रहते हैं वहां पुलिस की अतिरिक्त गश्त बढ़ा दी गई है। परंतु सबसे ज्यादा अहम यह है कि हम 'एजुकेशनल सर्विसेज फॉर ओवरसीज स्टूडेंट्स एक्ट' को कुछ बदलवों के साथ विधायी प्रारूप देने का प्रयास कर रहे हैं।"
उन्होंने कहा, "यहां पहले से ही एक हॉटलाइन शुरू हो चुकी है जहां छात्र नस्लीय मुद्दों को उठा सकते हैं और अपराध से जुड़ी कोई जानकारी दे सकते हैं।"
गौरतलब है कि आस्ट्रेलिया में कई जगहों पर भारतीय छात्रों पर हुए हमलों के बाद मेलबर्न और सिडनी में विरोध प्रदर्शन हुए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications