'ईरान में चुनाव रद्द नहीं किया जाएगा'

'चुनाव रद्द नहीं किया जाएगा'

ईरान में चुनाव कराने वाली सर्वोच्च संस्था गार्डियन काउंसिल ने स्पष्ट किया है कि वह इस महीने राष्ट्रपति पद के लिए हुए विवादास्पद चुनावों को रद्द नहीं करेगी.

सरकारी ईरानी टीवी चैनल प्रेस टीवी ने काउंसिल के प्रवक्ता के हवाले से सहा था कि काउंसिल को मतदान में धाँधली के कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं.

ईरान में 12 जून को राष्ट्रपति पद के लिए हुए चुनाव पर विवाद खड़ा होने के बाद वहाँ पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें जारी हैं और स्थिति ख़ासी तनावपूर्ण बनी हुई है.

इस चुनाव के नतीजे में महमूद अहमदीनेजाद को दो-तिहाई मतों के साथ विजयी घोषित किया गया था. उधर विपक्ष ने धाँधली का आरोप लगाते हुए दोबारा चुनाव कराए जाने की माँग की है.

इससे पहले ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता आयतुल्ला अली ख़ामनेई ने भी राष्ट्रपति पद के लिए हुए चुनावों के नतीजों को सही ठहराते हुए प्रदर्शनकारियों को चेताया था कि वे प्रदर्शन बंद करें और यदि उन्हें नतीजे पर आपत्ति है तो अदालत का दरवाज़ा खटखटाएँ.

सोमवार को संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने कहा था कि ईरान की सरकार नागरिकों के मौलिक अधिकारों का सम्मान करे. उन्होंने नागरिकों के एकत्र होने की आज़ादी और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की ओर ध्यान आकर्षित किया गया था.

मून का दूसरा बयान

गार्डियन काउंसिल का बयान धार्मिक नेता ख़ामनेई के चुनावों को सही ठहराने के बाद आया है. राष्ट्रपति पद के चुनावों में एक उम्मीदवार मेहदी कारूबी ने प्रदर्शन शुरु होने के बाद से आम लोगों के मारे जाने पर दुख व्यक्त करने के लिए एक रैली का आहवान किया है.

उधर संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने दस दिन में ईरान संकट पर दूसरे बयान में चुनावों के बाद देश में आम नागरिकों के ख़िलाफ़ हो रही हिंसा पर निराशा जताई. बान की मून ने ईरान से अनुरोध किया है कि वह तत्काल गिरफ़्तारियाँ, बल प्रयोग और धमकियाँ देना बंद करे.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इससे पहले संयुक्त राष्ट्र महासचिव की आलोचना हुई थी कि वे मानवाधिकारों के मुद्दे पर सख़्त रवैया नहीं अपना पाए हैं.

अमरीकी राष्ट्रपति के कार्यालय ने भी ईरान की सरकार की ओर से जारी हिंसक कार्रवाई की आलोचना की थी. ईरान संकट पर सख़्त रवैया न अपनाने के लिए बान की मून की आलोचना हुई थी.

अनेक यूरोपीय देशों ने भी प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ हिंसा का विरोध किया है. ब्रिटेन ने कहा है कि वह ईरान में मौजूद अपने राजनयिकों के परिवारों को देश से बाहर निकाल रहा है.

चेतावनी के बावजूद प्रदर्शन

सोमवार को ईरान की पुलिस ने राजधानी तेहरान में विपक्ष की एक रैली पर आंसू गैस के गोले दागे थे. ईरान के रिवूल्यूशनरी गार्ड ने राष्ट्रपति चुनावों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन पर कड़ी चेतावनी जारी की थी.

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि चेतावनी के बावजूद लगभग एक हज़ार लोग राजधानी तेहरान के एक प्रमुख चौराहे पर जमा हुए और उन्हें तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे.

राजधानी तेहरान में एक हफ़्ते से चल रहे प्रदर्शनों के बाद अब शहर की सड़कों पर हज़ारों की संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात कर दिया गया है.

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